रिजु दत्ता ने भाजपा और अन्य दलों को घेरा, नौशाद सिद्दीकी को चुनाव आयोग के नियम पढ़ने की सलाह
रिजु दत्ता ने भाजपा और अन्य दलों को घेरा, नौशाद सिद्दीकी को चुनाव आयोग के नियम पढ़ने की सलाह
NewsPoint•
कोलकाता, 21 सितंबर (आईएएनएस)। डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता रिजु दत्ता ने सोमवार को भाजपा सहित कई राजनीतिक दलों पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव आयोग के नियमों का हवाला देते हुए नौशाद सिद्दीकी पर भी निशाना साधा और उन्हें नियमों को पढ़ने की सलाह दी। दत्ता ने दावा किया कि उनकी पार्टी को भी 'घास और जोड़ा फूल' चुनाव चिह्न उसी प्रक्रिया के तहत मिला है, जिसके तहत नौशाद सिद्दीकी को फ्री सिंबल दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि उपचुनाव खत्म होने के बाद उनकी पार्टी फिर से चुनाव आयोग से 'घास और जोड़ा फूल' चुनाव चिह्न की मांग करेगी। इसके अलावा, उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया में खामियों का जिक्र करते हुए सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि विवादित सूची में शामिल लोगों को मतदान के अधिकार और सरकारी योजनाओं से वंचित न किया जाए। हुमायूं कबीर पर निशाना साधते हुए उन्होंने बेटे के लिए चुनाव प्रचार न करने और मस्जिद के नाम पर मिले चंदे के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया। कोलकाता में सड़कों के नाम बदलने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि नई सरकार को पहले जनता से किए वादों को पूरा करना चाहिए। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस को ऐसे उम्मीदवार को मैदान में उतारने से पहले सोचना चाहिए था। बिहार से सामने आए वायरल वीडियो पर उन्होंने घटना को जघन्य बताया और महिला सुरक्षा को लेकर बिहार सरकार और भाजपा को घेरा।
रिजु दत्ता ने नौशाद सिद्दीकी के चुनाव चिह्न विवाद पर कहा कि जब किसी पार्टी में एक ही विधायक होता है, तो चुनाव आयोग फ्री सिंबल देता है। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी को भी इसी तरह चुनाव चिह्न मिला है। सिद्दीकी द्वारा पत्र लिखे जाने के बाद उन्हें भी एक अलग चुनाव चिह्न मिला। दत्ता ने सिद्दीकी को सलाह दी कि टिप्पणी करने से पहले उन्हें चुनाव आयोग के नियमों को समझना चाहिए। उन्होंने कहा, "सिद्दीकी को इस पर टिप्पणी करने से पहले आयोग के नियमों को समझना चाहिए।"ममता बनर्जी के सुप्रीम कोर्ट जाने के मुद्दे पर रिजु दत्ता ने कहा कि ममता बनर्जी के वकील कल्याण बनर्जी दो बार चुनाव आयोग के प्रतिनिधिमंडल में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने ममता बनर्जी के रवैये को 'फासीवादी एटीट्यूड' बताया और कहा कि अदालत जाना उनका अधिकार है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "उन्हें लगा था कि ममता बनर्जी खुद काला कोट पहनकर सुप्रीम कोर्ट जाएंगी।"
रिजु दत्ता ने दावा किया कि उपचुनाव खत्म होने के बाद उनकी पार्टी फिर से चुनाव आयोग के पास जाएगी और 'घास और जोड़ा फूल' चुनाव चिह्न की मांग करेगी। उनकी पार्टी को उम्मीद है कि भविष्य में यह चुनाव चिह्न उन्हें मिल सकता है।
एसआईआर (सर्विस इलेक्टोरल रोल) को लेकर दत्ता ने कई सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में काफी खामियां हैं। उन्होंने कहा कि देश में कई लोगों के नाम 'डिस्प्यूट लिस्ट' में हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक ऐसे लोगों को मतदान के अधिकार और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा, "गरीब लोगों को किसी विवादित स्थिति के कारण सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से बाहर करना उचित नहीं होगा।"
हुमायूं कबीर पर निशाना साधते हुए रिजु दत्ता ने सवाल किया कि वह अपने बेटे के लिए चुनाव प्रचार क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने हुमायूं कबीर पर रेजीनगर के लोगों को गुमराह करने और मस्जिद के नाम पर मिले चंदे के कथित दुरुपयोग का गंभीर आरोप भी लगाया। दत्ता ने कहा, "दूसरे नेताओं पर उंगली उठाने से पहले हुमायूं कबीर को अपने बेटे के लिए प्रचार करना चाहिए।"
कोलकाता में सड़कों के नाम बदलने के मुद्दे पर दत्ता ने कहा कि नई सरकार को बंगाल की जनता से किए गए वादों को पूरा करने पर पहले ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़कों और स्टेशनों के नाम बदलना कोई आपात काम नहीं है। लेनिन सरनी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसे बदलने पर बहस हो सकती है, लेकिन विश्व बांग्ला सरनी का नाम बदलकर श्री चैतन्य महाप्रभु सरनी करने की जल्दबाजी उन्हें समझ नहीं आती।
कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस को ऐसे उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारने से पहले विचार करना चाहिए था, जिसके खिलाफ हत्या का मामला लंबित है और जिसे जमानत नहीं मिली है। उन्होंने कहा, "जब विपक्ष खुद ऐसी स्थिति पैदा करेगा तो भाजपा को राजनीतिक फायदा उठाने का मौका मिलेगा।"
बिहार से सामने आए वायरल वीडियो पर दत्ता ने घटना को जघन्य बताया और महिला सुरक्षा को लेकर बिहार सरकार और भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि किसी सभ्य समाज में इस तरह की घटना स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, "भाजपा महिला सुरक्षा और महिला सशक्तीकरण की बात करती है, इसलिए उसे बिहार में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए।" उन्होंने मांग की कि बिहार की घटना से जुड़े सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।