रुद्राक्ष पाटिल एशियन गेम्स 2026 में 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन इवेंट के लिए उत्साहित

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एशियन गेम्स 2026 में सोमवार को दो सिल्वर मेडल जीतने वाले भारतीय राइफल शूटर रुद्राक्ष पाटिल अब 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन इवेंट के लिए पूरी तरह तैयार हैं. हांग्जो में 2023 में टीम गोल्ड जीतने वाले पाटिल ने जापान में पुरुषों की टीम को सिल्वर मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. इसके बाद उन्होंने व्यक्तिगत फाइनल में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता. इन सफलताओं के बाद, रुद्राक्ष पाटिल का पूरा ध्यान अब 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन इवेंट पर है, जो शुक्रवार को होना है.

मीडिया से बातचीत में रुद्राक्ष पाटिल ने कहा, "यह पहली बार है जब मैं गेम्स में दो इवेंट्स में हिस्सा ले रहा हूं और थ्रीपी (3 पोजिशन) शुरू करने के बाद यह मेरा दूसरा साल है. इसलिए, मैं बहुत उत्साहित हूं. मुझे बेहतरीन कोचिंग, अच्छा मार्गदर्शन और सभी सपोर्ट स्टाफ और भारतीय टीम से अच्छा सपोर्ट मिल रहा है जो मेरी मदद कर सकते हैं. मुझे बस उनका पालन करना है और मुझे लगता है कि सब कुछ ठीक रहेगा."
रुद्राक्ष पाटिल ने बताया कि उनके कोचों ने उन्हें सलाह दी है कि वे चीजों को सरल रखें और मेडल जीतने की उम्मीद करने के बजाय सिर्फ शूटिंग पर ध्यान दें. उनका मानना है कि ऐसा करने से अंततः उन्हें मेडल मिल सकता है. रुद्राक्ष ने कहा, "हमारे कोचों ने कहा है कि ‘आपने एक निश्चित स्कोर हासिल किया है और उसी के कारण टूर्नामेंट के लिए आपका चयन हुआ है. आपको कुछ असाधारण शूट करने की जरूरत नहीं है. आपको बस अपनी रोजाना की तरह शूटिंग करनी है. इतना ही काफी होगा. मैं थ्रीपी फाइनल में खुद यह देखने के लिए बहुत उत्साहित हूं कि मैं कितना अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं, इस इवेंट में मैं कैसा कर सकता हूं.”

रुद्राक्ष पाटिल व्यक्तिगत 10 मीटर फाइनल में गोल्ड मेडल की स्थिति में थे, लेकिन आखिरी क्षणों में पिछड़ गए. उन्होंने स्वीकार किया कि घबराहट के कारण उनसे चूक हुई और उन्हें ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा. उन्होंने बताया, "जब हमने फाइनल शुरू किया, तो मेरी शुरुआत मजबूत रही, जिससे मुझे आत्मविश्वास मिला कि आज का दिन मेरा है."

उन्होंने आगे कहा, "मैं वास्तव में अच्छा कर रहा था, लेकिन साथ ही, क्योंकि मैं काफी समय से नंबर-1 पर था और इस साल मैंने बहुत ज्यादा फाइनल नहीं खेले थे, इसलिए जब मैं इन फाइनल में आया, तो मुझे उतना भरोसा नहीं था, लेकिन हमने फाइनल के लिए काफी ट्रेनिंग की थी, जिससे मेरा आत्मविश्वास थोड़ा बढ़ा और फाइनल रेंज में भी मुझे सहज महसूस हुआ. लेकिन जैसे-जैसे मैं ऊपर बढ़ रहा था और मुझे पता चला कि मैं गोल्ड मेडल की स्थिति में हूं, सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा था, जिससे मेरे अंदर थोड़ी घबराहट होने लगी. मुझे लगता है कि मैं इसे थोड़ा बेहतर तरीके से संभाल सकता था, लेकिन अब हमारे पास ब्रॉन्ज मेडल है, इसलिए मैं उससे भी खुश हूं."

रुद्राक्ष पाटिल के लिए यह एशियन गेम्स एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो रहा है. हांग्जो में टीम गोल्ड जीतने के बाद, उन्होंने जापान में टीम को सिल्वर मेडल दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई. यह दर्शाता है कि वे न केवल व्यक्तिगत रूप से, बल्कि टीम के साथ भी बेहतरीन प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं. 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन इवेंट, जिसे 'थ्रीपी' के नाम से भी जाना जाता है, एक चुनौतीपूर्ण स्पर्धा है जिसमें निशानेबाज को तीन अलग-अलग पोजिशन - प्रोन (लेटकर), स्टैंडिंग (खड़े होकर) और नीलिंग (घुटनों के बल बैठकर) में निशाना लगाना होता है. यह इवेंट निशानेबाज की सहनशक्ति, एकाग्रता और सटीकता की कड़ी परीक्षा लेता है.

रुद्राक्ष का यह कहना कि यह उनके लिए थ्रीपी में दूसरा साल है और वे इस इवेंट को लेकर उत्साहित हैं, यह दिखाता है कि वे लगातार अपने खेल को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं. युवा निशानेबाज के लिए यह एक बड़ा अवसर है कि वे इस प्रतिष्ठित खेल आयोजन में अपनी छाप छोड़ें. कोचों की सलाह को याद रखना, जैसे कि "आपको बस अपनी रोजाना की तरह शूटिंग करनी है," यह दर्शाता है कि रुद्राक्ष मानसिक रूप से भी मजबूत हो रहे हैं. यह सलाह उन्हें दबाव में शांत रहने और अपने स्वाभाविक खेल पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगी.

10 मीटर फाइनल में गोल्ड मेडल की स्थिति से ब्रॉन्ज मेडल तक का सफर रुद्राक्ष के लिए एक सीखने का अनुभव रहा होगा. उन्होंने खुद स्वीकार किया कि घबराहट ने उन पर असर डाला. यह एक आम बात है, खासकर जब कोई खिलाड़ी इतने बड़े मंच पर गोल्ड मेडल के करीब होता है. हालांकि, उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल को स्वीकार किया है, जो उनकी परिपक्वता को दर्शाता है. यह अनुभव उन्हें भविष्य में ऐसे क्षणों को बेहतर ढंग से संभालने के लिए तैयार करेगा.

रुद्राक्ष पाटिल का आत्मविश्वास, जो उन्होंने फाइनल के लिए की गई ट्रेनिंग से हासिल किया, सराहनीय है. यह दिखाता है कि वे कड़ी मेहनत में विश्वास रखते हैं. उनका यह कहना कि "फाइनल रेंज में भी मुझे सहज महसूस हुआ," यह दर्शाता है कि वे अपनी तैयारी पर भरोसा करते हैं. एशियन गेम्स 2026 में उनके प्रदर्शन पर सभी की निगाहें होंगी, और उम्मीद है कि वे 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन इवेंट में देश के लिए एक और मेडल जीतेंगे. भारतीय शूटिंग टीम का समर्थन और बेहतरीन कोचिंग रुद्राक्ष जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत नींव प्रदान करती है, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर सकें.

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