दिल्ली मतदाता सूची: 31.63 लाख को नोटिस, सीईओ ने दी स्पष्टीकरण, नाम नहीं हटेगा
दिल्ली मतदाता सूची: 31.63 लाख को नोटिस, सीईओ ने दी स्पष्टीकरण, नाम नहीं हटेगा
NewsPoint•
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अशोक कुमार ने सोमवार को स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान 31.63 लाख मतदाताओं को भेजे गए नोटिस का मतलब यह नहीं है कि उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ये नोटिस केवल सिस्टम द्वारा जनरेट किए गए हैं और इनका उद्देश्य मतदाता रिकॉर्ड में सुधार करना है। पात्र मतदाता 30 सितंबर तक दावा और आपत्ति अवधि में फॉर्म-6 जमा करके या ऑनलाइन आवेदन करके अपना नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करवा सकते हैं। सीईओ ने यह भी आश्वासन दिया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना सुनवाई के अवसर दिए और विधिवत आदेश जारी किए बिना सूची से नहीं हटाया जाएगा।
सीईओ अशोक कुमार ने बताया कि ये नोटिस दो तरह के मतदाताओं को भेजे गए हैं जिनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में हैं। पहली श्रेणी में वे मतदाता हैं जिनका नाम पिछली मतदाता सूची से ठीक से लिंक नहीं हो पाया। दूसरी श्रेणी में वे मतदाता हैं जिनके रिकॉर्ड में कुछ गड़बड़ियां पाई गई हैं। उन्होंने कहा कि नोटिस मिलने पर संबंधित मतदाता निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) या सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) को जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा कर सकते हैं। चुनाव आयोग द्वारा दी गई दस्तावेजों की सूची केवल एक सुझाव है, अंतिम फैसला उपलब्ध दस्तावेजों और बीएलओ की रिपोर्ट के आधार पर ही लिया जाएगा।मतदाताओं को सुविधा देने के लिए, 27 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक दिल्ली के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इसके अलावा, 23 और 24 सितंबर को शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक दिल्ली के सभी डीयूएसआईबी नाइट शेल्टर और बेघर लोगों के अन्य स्थानों पर बेघर, ट्रांसजेंडर और सेक्स वर्कर्स के लिए भी विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन नोटिसों का निपटारा 29 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा और पात्र मतदाताओं के नाम 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल कर लिए जाएंगे।
यह ध्यान देने योग्य है कि चुनाव आयोग ने पात्रता सत्यापन के लिए करीब 32 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए हैं। इन नोटिसों में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपPrime Minister एल.के. आडवाणी, BJP MP बांसुरी स्वराज, पूर्व Chief Minister अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपChief Minister मनीष सिसोदिया, कांग्रेस सांसद अभिषेक सिंघवी, पूर्व उपPresident जगदीप धनखड़ और पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी जैसी कई जानी-मानी हस्तियां भी शामिल हैं।
सीईओ ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन पात्र लोगों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है, वे 30 सितंबर तक दावा और आपत्ति अवधि के दौरान फॉर्म-6 तथा आवश्यक दस्तावेज जमा कर अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि फॉर्म निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) या बीएलओ के पास ऑफलाइन जमा किए जा सकते हैं। इसके अलावा वेबसाइट और इसीआईनेट मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन भी आवेदन किया जा सकता है।
सीईओ ने दोहराया कि किसी भी मतदाता का नाम सुनवाई का अवसर दिए बिना और विधिवत आदेश जारी किए बिना मतदाता सूची से नहीं हटाया जा सकता। उन्होंने कहा कि ईसीआईनेट में मतदाता रिकॉर्ड में सुधार के लिए कुछ श्रेणी के मतदाताओं को सिस्टम जनरेटेड नोटिस भेजे जा रहे हैं। ये नोटिस केवल दो श्रेणियों के मतदाताओं को जारी किए गए हैं, जिनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में मौजूद हैं।
उन्होंने बताया कि नोटिसों के निस्तारण के लिए 29 अक्टूबर 2026 तक समय निर्धारित है और पात्र मतदाताओं के नाम 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने के लिए है कि मतदाता सूची सटीक और अद्यतन रहे।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि आपका नाम सूची से हटा दिया गया है। बल्कि, यह एक प्रक्रिया का हिस्सा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी पात्र मतदाताओं के नाम सही ढंग से दर्ज हों। यदि आपको नोटिस मिला है, तो घबराएं नहीं, बस बताए गए तरीके से आवश्यक कार्रवाई करें।