मध्य प्रदेश में भारी बारिश और आंधी तूफान की चेतावनी: Imd ने जारी किया अलर्ट
मध्य प्रदेश में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी: IMD ने जारी किया अलर्ट
NewsPoint•
भोपाल, 21 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के भोपाल केंद्र ने सोमवार शाम को मध्य प्रदेश के कई जिलों के लिए बिजली गिरने, आंधी-तूफान और भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी सीहोर, देवास, बेतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, सागर और टीकमगढ़ जैसे जिलों में मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना को लेकर है, जहाँ बारिश की तीव्रता 5 से 15 मिमी प्रति घंटे रहने का अनुमान है। वहीं, हरदा, नर्मदापुरम, गुना, शिवपुरी, भोपाल सहित राज्य के एक बड़े हिस्से में हल्की बारिश और बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। आईएमडी ने भारी बारिश के संभावित खतरों के बारे में भी आगाह किया है, जिसमें निचले इलाकों में जलभराव, यातायात में बाधा, इमारतों को खतरा और फसलों को नुकसान शामिल है।
आईएमडी के अनुसार, सीहोर, देवास, बेतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, सागर और टीकमगढ़ जिलों में बिजली गिरने के साथ आंधी-तूफान और मध्यम बारिश की संभावना है। इन इलाकों में प्रति घंटे 5 से 15 मिमी तक बारिश हो सकती है। साथ ही, इन जिलों में 30 से 60 प्रतिशत तक बिजली गिरने की आशंका है।इसके अलावा, हरदा, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, ओरछा, छतरपुर, खजुराहो, पन्ना, सतना, चित्रकूट, मंडला, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, अमरकंटक, डिंडोरी, मैहर, बालाघाट, जबलपुर, उमरिया, बांधवगढ़, नरसिंहपुर, शाजापुर, राजगढ़, भोपाल, विदिशा जैसे कई जिलों में भी बिजली चमकने और हल्की बारिश का अनुमान है।
आईएमडी ने भारी और बहुत भारी बारिश के संभावित प्रभावों की एक सूची जारी की है। इसके अनुसार, निचले इलाकों में पानी भर सकता है। सड़क, रेल और हवाई यातायात में रुकावट आ सकती है क्योंकि दृश्यता कम हो जाएगी। पुरानी और कमजोर इमारतें खतरे में पड़ सकती हैं। बिजली आपूर्ति में कुछ समय के लिए दिक्कत आ सकती है। खेतों में खड़ी फसलें, बगीचे और लगाए गए पेड़-पौधों को थोड़ा नुकसान हो सकता है। जान-माल के नुकसान की कुछ घटनाएं भी हो सकती हैं।
लोगों को सलाह दी गई है कि वे निचले इलाकों और नदियों या नालों के पास बने अस्थायी घरों से दूर रहें। आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों के नीचे बिल्कुल न खड़े हों। घर के अंदर या किसी मजबूत इमारत में चले जाएं। अगर जरूरी हो तो कमजोर ढांचों को खाली कर दें।
मौसम विज्ञान केंद्र ने यह भी सुझाव दिया है कि वैकल्पिक बिजली की व्यवस्था रखी जाए और यातायात में होने वाली देरी के लिए पहले से योजना बनाई जाए। लोगों से अपील की गई है कि वे उफनती नदियों और नालों से दूर रहें। उन जगहों पर जाने से बचें जहाँ पानी का स्तर अचानक बढ़ सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने जनता से कहा है कि वे लगातार सरकारी अपडेट्स पर नजर रखें। जिन जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, वहां के अधिकारियों को भी सतर्क रहने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो।