भाजपा ने रेवंत रेड्डी के 'राम अमीरों और शिव गरीबों के भगवान' बयान पर उठाए सवाल
भाजपा ने रेवंत रेड्डी के 'राम अमीरों और शिव गरीबों के भगवान' बयान पर उठाए सवाल
NewsPoint•
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 30 सितंबर को तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा दी गई विवादास्पद टिप्पणी पर सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा था कि "राम अमीरों और शिव गरीबों के भगवान" हैं। भाजपा के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने इसे कांग्रेस पार्टी की एक और चाल बताते हुए कहा कि राहुल गांधी नास्तिक हैं और वे हिंदू समाज में विभाजन का काम कर रहे हैं। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पूरे जोर से हिंदू समाज को बांटने की कोशिश कर रही है।
सुधांशु त्रिवेदी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "राहुल गांधी ने 2014 के चुनाव में ईश्वर के नाम पर शपथ ली थी, लेकिन वो 2024 में ऐसा नहीं करेंगे। उन्होंने अंग्रेजी में शपथ ली।" उन्होंने यह भी कहा कि रेवंत रेड्डी ने यह स्वीकार किया था कि "कांग्रेस मतलब मुसलमान और मुसलमान मतलब कांग्रेस" है। इस तरह की बातें हिंदू समाज में विभाजन की कोशिश हैं। भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि कांग्रेस केवल हिंदू समाज को ही नहीं, बल्कि भारत के विभिन्न हिस्सों को भी बांटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस शासित कर्नाटक के वित्त मंत्री डीके सुरेश ने कहा था, "दक्षिण टैक्स ज्यादा दे रहा है, जबकि उत्तर कम दे रहा है।" वहीं, पी. चिदंबरम ने यह भी कहा कि "उत्तर भारत नहीं होता तो दक्षिण बहुत प्रगति करता।"
सुधांशु त्रिवेदी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के उन बयानों का भी जिक्र किया, जिनमें उन्होंने कहा था कि "हम द्रविड़ियन हैं और वो आर्यन हैं।" त्रिवेदी ने इसे मूर्खतापूर्ण और निराधार सिद्धांत करार दिया, जो पूरी दुनिया में नकारा जा चुका है। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी को अपने नेताओं के बारे में जानने की जरूरत है। उन्हें कांग्रेस के नेता संपूर्णानंद और कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी के विचारों को भी समझना चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि कांग्रेस भाषा और जाति के नाम पर भी बंटवारे की कोशिश कर रही है। उन्होंने राहुल गांधी के "स्मैश पेट्रीआर्की" बयान का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस महिला-पुरुष के बीच भी विभाजन करना चाहती है। सुधांशु ने कहा, "'स्मैश पेट्रीआर्की' केवल हिंदू समाज के लिए, लेकिन जैसे ही केरल का ग्रैंड मुफ्ती यह कहता है कि 'महिलाओं को तिजोरी में नेकलेस की तरह रखना चाहिए' तो 'स्मैश पेट्रीआर्की' पर दहाड़ने वाले कांग्रेस नेताओं के मुंह में दही जम जाती है।"
सुधांशु त्रिवेदी ने इस विषय पर बात करते हुए यह भी कहा कि कांग्रेस भगवानों को विभाजित करने की सीमाओं तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि यह भारत में राजनीति का एक बहुत ही निम्नतम उदाहरण है। उन्होंने कांग्रेस को चेतावनी दी कि "अंग्रेजों ने हमको बाँटा, फिर भी अपने देश की खातिर इन्होंने हर परिवेश को बांटा, कुर्सी के उद्देश्य की खातिर।"
इस तरह, भाजपा ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी तरह के विभाजन की राजनीति के खिलाफ है और कांग्रेस की इन टिप्पणियों को देश की एकता के लिए खतरा मानती है।