पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव का बयान: नेताओं की जिंदगी में शराब और अय्याशी का बोलबाला, महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता

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Navbharat Times
पटना, 30 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने हाल ही में महिलाओं की सुरक्षा और नेताओं के व्यवहार पर गंभीर टिप्पणियां की हैं। उन्होंने कहा कि नेताओं की जिंदगी में 'शराब, शबाब और अय्याशी' के अलावा कुछ नहीं है। इस दौरान, उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को भी उठाया और कहा कि महिलाएं अब बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं, चाहे वे घर पर हों, स्कूल में, कोचिंग सेंटर में, शेल्टर होम में या हॉस्टल में।

पप्पू यादव ने बेगूसराय में एक युवती के साथ हुए कथित दुष्कर्म और मारपीट की घटना का जिक्र करते हुए कहा, "कल की घटना को देखा जाना चाहिए। अगर मेरा बस चले तो मैं आरोपी को 100 गोली मरवा दूं। जिस तरीके से बच्ची को बेरहमी से होटल में मारा गया, वह निंदनीय है।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर कानून इजाजत दे तो उस आरोपी को एक मिनट भी जाने का हक नहीं है।
सांसद ने महिलाओं की सुरक्षा पर और भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "अब महिलाएं घर पर भी सुरक्षित नहीं हैं। वे पड़ोसियों, शिक्षकों, सार्जेंट मेजर, पुलिस सब-इंस्पेक्टरों की हिंसा से सुरक्षित नहीं हैं। लड़कियां स्कूलों, कोचिंग सेंटरों, शेल्टर होम या हॉस्टलों में सुरक्षित नहीं हैं। वे कहां सुरक्षित रहेंगी?" उन्होंने यह भी पूछा कि इस देश में महिलाएं कब सुरक्षित रही हैं और बेटों पर कोई बात क्यों नहीं करता। उन्होंने कहा, " सारी रोकटोक और बातें बेटियों पर ही क्यों आती हैं? बेटियों के लिए देश में कोई कानून ही नहीं है।"

इसके अलावा, पप्पू यादव ने राजनीतिक दलों के नेताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "नेताओं की बात छोड़ देनी चाहिए, क्योंकि जिंदगी में 'शराब, शबाब और अय्याशी' के अलावा कुछ नहीं है। बाकी जात-पात और हिंदू-मियां के मुद्दे होते हैं। इन चार चीजों के अलावा नेताओं की डिक्शनरी में कुछ नहीं है।"

बिहार में बाढ़ की स्थिति का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि दवाइयां उपलब्ध नहीं थीं और कम्युनिटी किचन बहुत कम खोले गए थे। उन्होंने कहा, "मुझे मंगलवार को कम से कम 20,000 गरीब परिवारों को 500-500 रुपए देने पड़े और उनकी मदद करनी पड़ी।"

उन्होंने बगहा में बाढ़ के कारण तटबंध टूटने के मामले में भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "मेरा सवाल है कि 2024 में बगहा में तटबंध क्यों टूटा और अब यह फिर क्यों टूट गया? इसके लिए कौन जिम्मेदार है? सिंचाई मंत्री को बर्खास्त करें। या तो उन्हें बर्खास्त करें या उनसे इस्तीफा मांगें।" अंत में, उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सलाह दी कि उन्हें मंत्री को बर्खास्त करना चाहिए या उनका इस्तीफा लाना चाहिए।

पप्पू यादव की बातें न केवल गंभीर हैं, बल्कि चिंता का विषय भी हैं। जब महिलाएं हर जगह असुरक्षित हों, तो यह एक बड़ी समस्या है। इस स्थिति को बदलने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

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