सरकार ने नए कैफे 3 नियमों को लागू किया, छोटी पेट्रोल कारों के लिए रियायत हटाई
सरकार ने नए कैफे-3 नियमों को लागू किया, छोटी पेट्रोल कारों के लिए रियायत हटाई
NewsPoint•
नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने आज वाहन निर्माताओं के लिए नए कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल इकोनॉमी (Café-3) नियमों को अधिसूचित किया। ये नियम अप्रैल 2027 से लागू होंगे और मार्च 2032 तक जारी रहेंगे। महत्वपूर्ण बात यह है कि छोटी पेट्रोल कारों के लिए पहले प्रस्तावित अलग रियायत को अब हटा दिया गया है। पिछले साल, सरकार ने 909 किलोग्राम तक वजन वाली पेट्रोल कारों के लिए प्रति किलोमीटर 3 ग्राम की छूट देने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन कई नामी कार निर्माताओं ने इसका विरोध किया था।
फाइनल नियमों में 909 किलोग्राम से कम वजन वाली कारों के लिए कोई अलग छूट नहीं दी गई है। इसके बजाय, सरकार ने कुछ बदलाव किए हैं। अब, निर्माता के पूरे फ्लीट के कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित करने के लिए एक नया फॉर्मूला लागू किया गया है। पहले के ड्राफ्ट में रेफरेंस गाड़ी का वजन 1,170 किलोग्राम था, जिसे बढ़ाकर 1,229 किलोग्राम कर दिया गया है।नए नियमों के मुताबिक, हल्की गाड़ियों के बेड़े को थोड़ी राहत मिलेगी, जबकि भारी गाड़ियों के लिए लक्ष्य पहले से और कड़े कर दिए गए हैं। उदाहरण के लिए, 909 किलोग्राम की कार के लिए वित्त वर्ष 2028 में उत्सर्जन का लक्ष्य लगभग 82.8 ग्राम CO2 प्रति किलोमीटर रहेगा। जबकि, पहले के ड्राफ्ट में यह लगभग 76 ग्राम था। वहीं, 2,500 किलोग्राम की कार के लिए नया लक्ष्य लगभग 142.4 ग्राम है, जबकि इसका पहले का लक्ष्य 151.4 ग्राम थे।
Café-3 के फाइनल नियमों में स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों के लिए इंसेंटिव दिए गए हैं। सुपर-क्रेडिट सिस्टम के तहत, किसी भी वाहन निर्माता के फ्लीट प्रदर्शन में एक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन को तीन वाहनों के बराबर माना जाएगा। इसी तरह, रेंज-एक्सटेंडेड इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी यही फॉर्मूला लागू होगा। फ्लेक्स-फ्यूल पर चलने वाले प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों को 2.5 गुना और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों को 1.6 गुना क्रेडिट मिलेगा। फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को 1.1 गुना फैक्टर दिया जाएगा।
नए नियमों में एक क्रेडिट-डेबिट सिस्टम भी शामिल किया गया है। जो निर्माता अपने उत्सर्जन लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन करेंगे, उन्हें क्रेडिट मिलेगा। वहीं, जो निर्माता पीछे रह जाएंगे, उन पर डेबिट जमा होंगे।
इस तरह, नए Café-3 नियम ना सिर्फ पर्यावरण की रक्षा करेंगे, बल्कि वाहन निर्माताओं को नई चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करेंगे। ये नियम उद्योग में एक नई दिशा तय करेंगे और स्वच्छ ऊर्जा की ओर एक कदम बढ़ाएंगे।