मंत्री इंद्रनील सेन पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप, ईडी ने 60 करोड़ की धांधली की जांच शुरू की
मंत्री इंद्रनील सेन पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप, ईडी ने 60 करोड़ की धांधली की जांच शुरू की
NewsPoint•
कोलकाता में पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगा है। मंगलवार को उनकी संपत्ति पर ईडी ने 16 घंटे से ज्यादा समय तक छापेमारी की। इसके बाद उन्हें 1 अक्टूबर को ईडी के साल्टलेक ऑफिस में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इंद्रनील सेन ने सभी आरोपों से इनकार किया है और अपने परिवार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी है।
ईडी ने मंगलवार को दक्षिण कोलकाता के कस्बा में इंद्रनील सेन के घर के अलावा 10 अन्य जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। उन स्थानों में उनके रिश्तेदारों के घर और एक इवेंट मैनेजर अरिजीत दासगुप्ता का भी घर शामिल था। ईडी का कहना है कि इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी पर आरोप है कि उन्होंने यूएनईएससीओ के टैग का उपयोग कर दुर्गा पूजा टूर के नाम पर नकली पास बेचे।इस मामले की जांच तब शुरू हुई जब पुलिस ने जॉयदीप मुखर्जी की शिकायत पर एक मामला दर्ज किया था। सूत्रों के अनुसार, इस धोखाधड़ी में करीब 60 करोड़ रुपए की राशि शामिल हो सकती है। इंद्रनील सेन ने सभी आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि वह और उनका परिवार परेशान हो रहे हैं।
2021 में कोलकाता की दुर्गा पूजा को यूएनईएससीओ द्वारा मान्यता मिली थी। इसके बाद एक संस्था बनाई गई, जिसका नाम "मास आर्ट" है। इस संस्था ने खुद को यूएनईएससीओ का आधिकारिक भागीदार बताया और दुर्गा पूजा का प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने पूजा परिक्रमा के लिए पास बेचना शुरू किया, लेकिन यह पास दरअसल नकली थे।
सेन की पत्नी, मधुछंदा सेन, इस संस्था की गतिविधियों में गहराई से शामिल थीं। आरोप है कि उन्होंने यूएनईएससीओ के नाम और लोगो का गलत इस्तेमाल किया। "प्रीव्यू शो" या पूजा परिक्रमा के नाम पर उच्च कीमत के एंट्री पास बेचे गए। ईडी के अनुसार, इस योजना में "करीब 60 करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार हुआ।"
स्रोतों की जानकारी के अनुसार, कोलकाता में 24 दुर्गा पूजा "प्रीव्यू शो" के लिए पास बेचे गए थे। इन पास की कीमतें 1,749 से 5,499 रुपए के बीच थीं। संबंधित संस्था ने दावा किया था कि इनमें से 24 पूजा पंडाल यूएनईएससीओ द्वारा चुने गए थे। हालांकि, अब तक इस दावे में कोई सच्चाई नहीं मिली है। शुरुआती जांच से पता चला कि "प्रीव्यू शो" पास के नाम पर पैसे का गबन किया गया है।
इससे पता चला है कि 2022 में इन पास के लिए 19,000 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। फिर 2023 में यह संख्या 34,000 तक पहुंच गई और 2024 में यह 61,000 हो गई। यह मामले का पूरा सच सामने आना अभी बाकी है।
इंद्रनील सेन की यह स्थिति समाज में एक उदाहरण बन सकती है कि कैसे कुछ लोग अपनी राजनीतिक ताकत का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर ईडी की जांच में इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह मामला राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण बन जाएगा।