पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन पर लगे 60 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप, Ed ने की छापेमारी
पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन पर लगे 60 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप, ED ने की छापेमारी
NewsPoint•
पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन के घर पर 16 घंटे तक चली छापेमारी में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में जांच की। ईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए कोलकाता के साल्टलेक दफ्तर में बुलाया है। इंद्रनील सेन ने आरोपों से इनकार किया है और स्वयं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है। यह मामला यूएनईएससीओ के टैग का दुरुपयोग कर दुर्गा पूजा टूर के नाम पर नकली पास बेचने से संबंधित है। शुरुआती जांच में 60 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का अंदाजा लगाया गया है।
मंगलवार को ईडी ने अलग-अलग टीमों के जरिए दक्षिण कोलकाता के कस्बा क्षेत्र में इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी मधुछंदा सेन के घर समेत दस जगहों पर छापेमारी की। इन छापेमारी में ईवेंट मैनेजर अरिजीत दासगुप्ता के घर भी शामिल था। ईडी ने जून में बो बाजार पुलिस थाने में जॉयदीप मुखर्जी की शिकायत के आधार पर जांच शुरू की थी। इंद्रनील सेन ने कहा, "मैंने किसी भी प्रकार की गलत गतिविधियों में भाग नहीं लिया। मेरी और मेरे परिवार की निजता का उल्लंघन किया जा रहा है।" उन्होंने कहा कि अगर ये घोटाले के आरोप नहीं हटाए गए, तो वह कानूनी कदम उठाएंगे।ईडी का आरोप है कि इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी ने दुर्गा पूजा के लिए "नकली पास" बेचने का काम किया। 2021 में कोलकाता दुर्गा पूजा के लिए यूएनईएससीओ से मान्यता मिली। इसके बाद, 'मास आर्ट' नाम की एक संस्था का गठन हुआ, जिसने खुद को यूएनईएससीओ का 'ऑफिशियल पार्टनर' बताया। इस संस्था ने दुर्गा पूजा का प्रचार करना शुरू किया और पूजा परिक्रमा के लिए पास बेचना शुरू किया। लेकिन जो पास बेचे गए, वे असल में नकली थे।
इन आरोपों में यह भी कहा गया है कि दुर्गा पूजा के 'प्रीव्यू शो' के नाम पर यूएनईएससीओ का लोगो और नाम का गैरकानूनी इस्तेमाल कर पास बेचे गए। आरोप है कि इस प्रक्रिया में 60 करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार हुआ। सूत्रों के अनुसार, कोलकाता में लगभग 24 दुर्गा पूजा 'प्रीव्यू शो' के नाम पर पास ऊंची कीमतों पर बेचे गए थे। कुछ मामलों में इन पास की कीमत 1,749 से 5,499 रुपए तक रही।
सम्बंधित संस्था ने दावा किया कि यूएनईएससीओ ने उन 24 पूजा पंडालों को चुना था, लेकिन जांच में इस दावे की कोई पुष्टि नहीं हो सकी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि 2022 में इन पासों के लिए लगभग 19,000 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। 2023 में यह संख्या बढ़कर 34,000 और 2024 में 61,000 हो गई।
इस प्रकार, इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी के खिलाफ गंभीर आरोप हैं। ईडी की जांच से यह साफ है कि मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कई गड़बड़ियां हुई हैं। क्या इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी इस स्थिति से बाहर निकल पाएंगे, यह देखना अद्भुत होगा। उनके और उनके परिवार के खिलाफ की गई कार्रवाई से संबंधित कानूनी उलटफेर आने वाले समय में इस मामले को और भी दिलचस्प बना सकता है।