चीन से भागा मानवाधिकार कार्यकर्ता अमेरिका में हिरासत में: क्या होगा गुआन हेंग का भविष्य?

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चीन के मानवाधिकार कार्यकर्ता गुआन हेंग अमेरिका में हिरासत में हैं। उन्हें चीन वापस भेजे जाने का डर है जहाँ उन्हें जेल और यातनाएं मिल सकती हैं। अमेरिका में रहने की उनकी याचिका पर सोमवार को फैसला होगा। जनता की चिंता के बाद उन्हें युगांडा भेजने की योजना रोकी गई थी।

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वाशिंगटन, 24 जनवरी (एपी) चीन में मानवाधिकारों के उल्लंघन को उजागर करने वाले गुआन हेंग , जो अगस्त से अमेरिकी हिरासत में हैं, को वापस भेजे जाने पर गंभीर परिणाम भुगतने का डर है। अमेरिका में रहने की उनकी याचिका पर सोमवार को एक न्यायाधीश फैसला करेंगे। चार साल पहले शिनजियांग क्षेत्र में नजरबंदी केंद्रों के वीडियो जारी करने के बाद अमेरिका आए गुआन ने आश्रय की मांग की थी। उन्हें पहले युगांडा भेजने की कोशिश की गई थी, लेकिन जनता की चिंता और अमेरिकी संसद में मामले के उठने के बाद इस योजना को रोक दिया गया।

गुआन हेंग, जो 38 साल के हैं, ने न्यूयॉर्क के ब्रूम काउंटी करेक्शनल फैसिलिटी से एपी को फोन पर बताया कि अगर उन्हें चीन वापस भेजा गया तो उन पर मुकदमा चलाया जाएगा, जेल भेजा जाएगा और उन्हें यातनाएं दी जाएंगी। उन्होंने कहा, "मुझ पर मुकदमा चलाया जाएगा, मुझे जेल भेज दिया जाएगा, मुझे यातना दी जाएगी। ये सब कुछ हो सकता है।"
जनता की नजर में आने से गुआन को उम्मीद जगी है। उन्होंने बताया कि आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) की हिरासत के शुरुआती महीनों में उन्हें "बाहरी दुनिया से कोई मदद नहीं मिली"। साथी बंदियों की कहानियों और डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के आव्रजन विरोधी अभियानों की खबरों से वे काफी निराश थे।

गुआन उन हजारों शरण चाहने वालों में से एक हैं जिन्हें पिछले साल पकड़ा गया था। इन लोगों का मानना है कि अमेरिका में रहने के उनके दावे बिल्कुल सही हैं। गुआन ने चीन के शिनजियांग क्षेत्र में हो रहे मानवाधिकारों के हनन को दुनिया के सामने लाने के लिए कुछ साल पहले वहां के नजरबंदी केंद्रों के वीडियो फुटेज जारी किए थे। इसके बाद उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हुआ और वे अमेरिका भाग आए।

अमेरिका के गृह मंत्रालय ने शुरू में गुआन को युगांडा भेजने की योजना बनाई थी। लेकिन दिसंबर में उनकी स्थिति को लेकर लोगों की चिंता बढ़ी और अमेरिकी संसद (कैपिटल हिल) में भी यह मामला उठा। इसके बाद मंत्रालय ने अपनी योजना बदल दी। हालांकि, गुआन का भविष्य अभी भी अनिश्चित है।

गुआन ने यह भी कहा कि जनता की तरफ से मिली प्रतिक्रिया ने उन्हें थोड़ी उम्मीद दी है। उन्होंने बताया कि जब वे ICE की हिरासत में थे, तो उन्हें अकेलापन महसूस होता था। उन्हें बाहरी दुनिया से कोई मदद नहीं मिल रही थी। उन्होंने साथी बंदियों की दर्दनाक कहानियाँ सुनी थीं और डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में आव्रजन को लेकर सख्त नियमों की खबरें भी सुनी थीं, जिससे वे बहुत हताश हो गए थे।

पिछले साल ऐसे हजारों लोग थे जिन्हें अमेरिका में पकड़ा गया था और वे शरण मांग रहे थे। गुआन जैसे लोग मानते हैं कि उनके शरण मांगने के कारण बहुत मजबूत हैं। वे चीन में होने वाले अत्याचारों के गवाह हैं और उन्हें डर है कि अगर वे वापस गए तो उन्हें गंभीर सजा भुगतनी पड़ेगी। अब उनकी उम्मीदें अमेरिकी न्यायपालिका पर टिकी हैं।