तुर्की में शेयर हेरफेर की जांच: 15 गिरफ्तार, कई कंपनियों की संपत्ति जब्त

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share manipulation exposed in turkey 15 arrested company assets seized
तुर्की में शेयर बाज़ार में हेरफेर के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। सोमवार को, तुर्की के अधिकारियों ने कटिलिमेविम (Katilimevim) नाम की एक लिस्टेड कंपनी के शेयरों में हुए लेन-देन की जांच के सिलसिले में 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही, कई अन्य निवेश फर्मों के अधिकारियों की संपत्तियों को भी फ्रीज कर दिया गया है। न्याय मंत्री अकिन गुरलेक (Akin Gurlek) ने बताया कि कटिलिमेविम मामले में 25 संदिग्धों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है, जिनमें से 10 अभी भी फरार हैं।

यह कार्रवाई शेयर बाज़ार में चल रहे बड़े घपलों के खिलाफ सरकार के बढ़ते एक्शन का हिस्सा है। इस हेरफेर ने तुर्की के निवेश फंड उद्योग में एक लिक्विडिटी संकट (तरलता संकट) पैदा कर दिया है। इस संकट के कारण नियामकों को कई फंड्स को फ्रीज करना पड़ा और उन्हें बंद करने का आदेश देना पड़ा।
पिछले हफ्ते, कैपिटल मार्केट्स बोर्ड (Capital Markets Board) ने कटिलिमेविम और दो अन्य लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में हेरफेर के आरोप में 38 लोगों के खिलाफ आपराधिक शिकायतें दर्ज की थीं। इन लोगों पर दो साल के लिए शेयर ट्रेडिंग पर प्रतिबंध भी लगाया गया था।

न्याय मंत्री गुरलेक ने बताया कि पुसुला फिनेंस होल्डिंग (Pusula Finans Holding), पुसुला यतिरि म मेनकुल डेगेरल (Pusula Yatirim Menkul Degerler), टेरा यतिरि म मेनकुल डेगेरल (Tera Yatirim Menkul Degerler), टेरा पोर्टफोय योनेटिमी (Tera Portfoy Yonetimi), हेडेफ होल्डिंग (Hedef Holding), हेडेफ पोर्टफोय योनेटिमी (Hedef Portfoy Yonetimi), बुल्स यतिरि म मेनकुल डेगेरल (Bulls Yatirim Menkul Degerler), बुल्स पोर्टफोय योनेटिमी (Bulls Portfoy Yonetimi) और उफुक यतिरि म योनेटिम वे गायरि मेनकुल (Ufuk Yatirim Yonetim ve Gayrimenkul) जैसी नौ कंपनियों के अधिकारियों और अफसरों से जुड़े वित्तीय और संपत्ति के लेन-देन पर रोक लगा दी गई है। इन नौ कंपनियों ने रॉयटर्स (Reuters) से संपर्क करने पर तुरंत कोई जवाब नहीं दिया।

सरकार ने बैंकों, नोटरी पब्लिकों, भूमि रजिस्ट्री अधिकारियों और वित्तीय अपराधों पर नज़र रखने वाली संस्था MASAK को निर्देश दिया है कि जांच के दायरे में आई संपत्तियों को ट्रांसफर होने या कम होने से रोका जाए। इसके अलावा, बोर्ड के सदस्यों, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं, उनके जीवनसाथियों और करीबी रिश्तेदारों द्वारा की जाने वाली ऐसी किसी भी गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखने का आदेश दिया गया है, जिससे उनकी संपत्ति कम हो सकती है। ऐसे किसी भी लेन-देन के लिए अब अभियोजकों (prosecutors) से मंजूरी लेनी होगी। यह जांच अभी भी जारी है।

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