n NBT न्यूज, गाजियाबाद
डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने जिला महिला अस्पताल का बुधवार को निरीक्षण किया। उन्होंने रजिस्ट्रेशन काउंटर, ओपीडी, इमरजेंसी, दवाई काउंटर और एआई संचालित अल्ट्रासाउंड मशीन के अलावा वार्डों का जायजा लिया। साथ ही, मरीजों से बातचीत की। इस दौरान कोटगांव से आए रूप कमल ने शिकायत की कि अस्पताल में डिलिवरी के लिए पैसे लिए जाते हैं। इस पर डीएम ने सीएमएस को जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
डीएम दोपहर करीब 12 बजे औचक निरीक्षण करने पहुंचे। यहां कोटगांव निवासी रूप कमल ने बताया कि चार दिन पहले पत्नी को अस्पताल लेकर आए थे। पहले 200 रुपये फाइल चार्ज लिया गया। इसके बाद डिलीवरी के लिए 5000 रुपये मांगे गए। पैसे न होने पर 500 रुपये एडवांस और 1500 रुपये बाद में देने को कहा गया। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए सीएमएस को जांच करने को कहा। इसके बाद डीएम ने रजिस्ट्रेशन काउंटर पर आभा आईडी कैसे बनाई जा रही है और भीड़ को कैसे मैनेज किया जाता है, इसकी जानकारी ली। यहां महिला सावित्री से बाहर की दवा लिखने और निशुल्क इलाज के बारे में जानकारी ली, जिस पर महिला ने सभी सेवाएं निशुल्क मिलने की बात कही। इसके बाद फार्मासिस्ट प्रवीण से दवाओं के बारे में पूछताछ की। ओपीडी में जाकर मरीजों से इलाज में देरी और सही उपचार मिलने के बारे में पूछा। इसके बाद पीएनसी वार्ड, बाल वार्ड, एसएनसीयू वार्ड, अल्ट्रासाउंड वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने कहा कि अस्पताल में स्वीकृत पदों के अनुसार डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी है। वार्ड में स्थिति ठीक पाई गई है। ओटी का काम जल्द पूरा किया जाएगा।


