श्रमिकों के लिए हेल्थ कैंप अनिवार्य करने की तैयारी

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ग्रेटर नोएडा में श्रमिकों के स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन गंभीर है। अब सभी श्रमिकों के लिए हेल्थ कैंप अनिवार्य होंगे। निजी अस्पताल सीएसआर फंड से औद्योगिक क्षेत्रों और कंस्ट्रक्शन साइटों पर नियमित कैंप लगाएंगे। महिला श्रमिकों के लिए विशेष सुविधाएं होंगी। सामान्य जांच के साथ गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी। जरूरतमंदों को चश्मा और मोतियाबिंद का इलाज मिलेगा।

health camps mandatory for workers no negligence in health services will be tolerated

n NBT न्यूज, ग्रेटर नोएडा

जिले में काम करने वाले लाखों श्रमिकों के स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन अब अलर्ट मोड में आ गया है। नोएडा के सेक्टर-27 स्थित सभागार में सोमवार को डीएम ने स्वास्थ्य विभाग और निजी अस्पताल संचालकों के साथ बैठक कर साफ किया कि श्रमिकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। डीएम ने निजी अस्पतालों से कहा कि वे अपने सीएसआर फंड का इस्तेमाल करते हुए औद्योगिक क्षेत्रों, कंस्ट्रक्शन साइट और लेबर कॉलोनियों में नियमित मेडिकल कैंप लगाएं। खासतौर पर महिला श्रमिकों के लिए अलग से सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में यह भी तय हुआ कि कैंपों में सामान्य जांच के अलावा आंखों की जांच, ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी। जरूरतमंदों को चश्मा उपलब्ध कराने और मोतियाबिंद के इलाज की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया। डीएम ने कहा कि कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम कर रहे श्रमिकों के लिए मोबाइल मेडिकल वैन और मिनी ओपीडी की सुविधा शुरू की जाए, ताकि उन्हें मौके पर ही इलाज मिल सके। सभी निजी अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर माइक्रो प्लान तैयार करने और नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार, सीएमएस डॉ. अजय राणा और एसीएमओ डॉ. चंदन सोनी समेत कई अधिकारी और निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।