10 साल से नहीं बढ़ी सैलरी, श्रमिकों का सड़क पर हंगामा

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फरीदाबाद में श्रमिकों ने वेतन बढ़ोतरी और ओवरटाइम भुगतान की मांग को लेकर हंगामा किया। 10 साल से सैलरी न बढ़ने से नाराज कामगारों ने कंपनी गेट के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार द्वारा नया वेतनमान लागू होने के बावजूद लाभ न मिलने का आरोप है। श्रमिकों ने दो दिन का अल्टीमेटम दिया है, अन्यथा हड़ताल की चेतावनी दी है।

salary not increased for 10 years workers protest on the streets in faridabad

n NBT रिपोर्ट, फरीदाबाद

हरिणाया और यूपी में वेतन बढ़ोतरी और ओवरटाइम का समय पर भुगतान न मिलने जैसी मांगों को लेकर श्रमिक अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। ऐसे में इन्हीं मांगों को लेकर सेक्टर-6 और सेक्टर 22 में कंपनी के बाहर सोमवार को कामगारों ने जोरदार हंगामा किया। कंपनी गेट के बाहर 100 से अधिक श्रमिक एकत्र हो गए, जिनमें बड़ी संख्या में महिला श्रमिक भी शामिल थीं। प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों ने एक स्वर में आरोप लगाया कि उनके ठेकेदार द्वारा लंबे समय से वेतन वृद्धि को लेकर टालमटोल किया जा रहा है। श्रमिकों का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा नया वेतनमान लागू किए जाने के बावजूद उन्हें इसका लाभ नहीं दिया जा रहा है। सेक्टर 6 में कंपनी के बाहर विरोध कर रहे श्रमिकों ने बताया कि वे 10 वर्षों से कंपनी में कार्यरत हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी सैलरी में कोई संतोषजनक बढ़ोतरी नहीं की गई।

कंपनी प्रबंधन को दो दिन का अल्टिमेटम दिया : ओवरटाइम करने के बाद भी उसका भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक प्रभावित हो रही है। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और श्रम विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने श्रमिकों और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत कराकर मामला शांत कराने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारी श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन को दो दिन का अल्टिमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि निर्धारित समय के भीतर वेतन बढ़ोतरी और ओवरटाइम भुगतान से संबंधित मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो वे सामूहिक रूप से हड़ताल पर चले जाएंगे।

कम सैलरी में लोगों का गुजारा मुश्किल : सेक्टर-22 स्थित एक कंपनी के बाहर सोमवार को श्रमिकों ने वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने बताया कि कंपनी में ऑपरेटर और हेल्पर की सैलरी में बेहद मामूली अंतर है। जहां ऑपरेटर को करीब 13 हजार रुपये मिल रहे हैं, वहीं हेल्पर को 9 से 10 हजार रुपये तक वेतन दिया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा महंगाई के दौर में इतनी सैलरी में गुजारा करना मुश्किल हो गया है।