437 Hectares Of Land To Be Acquired For Noida Airports Third Phase Preparations To Resettle Displaced Intensify
विस्थापितों को बसाने के लिए खरीदेंगे 437 हेक्टेयर जमीन
नवभारत टाइम्स•
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के तीसरे चरण के लिए विस्थापित होने वाले परिवारों को बसाने की तैयारी तेज हो गई है। प्रशासन प्रभावितों के लिए 437 हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन का अधिग्रहण करेगा। इसके लिए पहले सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट कराया जाएगा। तीसरे चरण में कुल 2053 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण हो रहा है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के तीसरे चरण के लिए विस्थापित होने वाले परिवारों को बसाने की तैयारी ज़ोरों पर है। प्रशासन इन परिवारों के लिए 437 हेक्टेयर अतिरिक्त ज़मीन का अधिग्रहण करेगा। इस प्रक्रिया की शुरुआत के लिए सबसे पहले सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) कराया जाएगा, जिसका प्रस्ताव जल्द ही शासन को भेजा जाएगा। यह ज़िम्मेदारी गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) को मिलने की उम्मीद है। तीसरे चरण में कुल 2053 हेक्टेयर ज़मीन का अधिग्रहण हो रहा है, जिसमें मुआवज़ा बांटने और कब्ज़ा लेने का काम चल रहा है। प्रोजेक्ट में आने वाले गांवों को हटाना ज़रूरी है, इसलिए 437 हेक्टेयर ज़मीन की ज़रूरत है। एडीएम एलए बच्चू सिंह ने बताया कि SIA रिपोर्ट आने के बाद ही ज़मीन अधिग्रहण की आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू होगी। प्रशासन पहले और दूसरे चरण के विस्थापितों को ज़मीन पर बसा चुका है। अब तीसरे चरण के विस्थापितों को भी नई ज़मीन पर सारी ज़रूरी सुविधाएं देने का लक्ष्य है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के तीसरे चरण के लिए ज़मीन अधिग्रहण का काम तेज़ी से चल रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 2053 हेक्टेयर ज़मीन ली जा रही है। इसमें से कई गांवों को प्रोजेक्ट की ज़मीन में आना है, इसलिए उन्हें दूसरी जगह बसाना ज़रूरी है। इसी ज़रूरत को पूरा करने के लिए प्रशासन 437 हेक्टेयर अतिरिक्त ज़मीन का अधिग्रहण करने की योजना बना रहा है। इस ज़मीन पर विस्थापित होने वाले परिवारों को बसाया जाएगा।इस पूरी प्रक्रिया का पहला कदम सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) कराना है। यह एक तरह का सर्वे है जो यह पता लगाएगा कि ज़मीन अधिग्रहण से लोगों पर क्या असर पड़ेगा और उन्हें कैसे मदद की जा सकती है। इस SIA की ज़िम्मेदारी गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) को मिलने की संभावना है। SIA रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही ज़मीन अधिग्रहण की आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। एडीएम एलए बच्चू सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, "SIA रिपोर्ट के बाद ही अधिग्रहण की आगे की कानूनी प्रक्रिया बढ़ेगी।"
प्रशासन पहले ही पहले और दूसरे चरण में विस्थापित हुए परिवारों को बसा चुका है। पहले चरण में 1334 हेक्टेयर ज़मीन ली गई थी और इसके विस्थापितों को 50 हेक्टेयर ज़मीन पर बसाया गया है। इसी तरह, दूसरे चरण में 1365 हेक्टेयर ज़मीन के लिए 189 हेक्टेयर ज़मीन पर परिवारों को बसाने का काम पूरा हो चुका है। अब तीसरे चरण के विस्थापितों को भी नई ज़मीन पर बसाने की तैयारी है। प्रशासन का लक्ष्य है कि इन परिवारों को नई जगह पर रहने के लिए सभी ज़रूरी सुविधाएं मिलें, जैसे कि घर, पानी, बिजली और सड़कें।