सामूहिक विवाह योजना में भ्रष्टाचार का आरोप, जांच

नवभारत टाइम्स

मुरादाबाद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। उपहार सामग्री न मिलने और अपात्रों को लाभ देने के आरोप लगे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच शुरू हो गई है। दो अधिकारियों को निलंबित किया गया है। विधायक और ब्लॉक प्रमुख ने भी गड़बड़ी की शिकायत की है।

सामूहिक विवाह योजना में भ्रष्टाचार का आरोप, जांच
(फोटो- नवभारत टाइम्स)

मुरादाबाद जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच बैठा दी गई है। जांच शुरू होते ही दो अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। 5 दिसंबर 2025 को मुरादाबाद में हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम को लेकर कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र के विधायक ने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कई जोड़ों को उपहार सामग्री नहीं दी गई, अपात्र लोगों को योजना का लाभ मिला और घटिया सामान बांटा गया। शिकायत के बाद मुरादाबाद के मूंढापांडे विकासखंड में तैनात सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण प्रशांत सिंह और कुंदरकी विकासखंड के ग्राम विकास अधिकारी समाज कल्याण ललित कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है।

उपहार नहीं मिले, संख्या बढ़ाकर दिखाने का आरोप: विधायक का आरोप है कि अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा किया गया। लाभार्थियों की संख्या ज्यादा दिखाकर पूरा भुगतान निकाल लिया गया। कुंदरकी क्षेत्र के मनकरा गांव में एक बच्चे की मां को दलालों की मदद से योजना में शामिल करने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत के बाद जिलाधिकारी अनुज सिंह ने दो सदस्यीय जांच समिति बनाई थी, लेकिन जांच में देरी होने पर विधायक ने उच्च स्तरीय या स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग उठाई। मूंढापांडे ब्लॉक प्रमुख डॉक्टर नवदीप यादव ने भी योजना में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनके ब्लॉक में करीब 25 प्रतिशत जोड़ों को उपहार सामग्री पूरी नहीं दी गई और लाभार्थियों की संख्या भी गलत दिखाई गई है।

जांच जारी, दोषियों पर होगी कार्रवाई: मुरादाबाद की जिला समाज कल्याण अधिकारी पंखुड़ी जैन ने बताया कि डीएम के आदेश पर कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में हुई शादियों की जांच चल रही है। जांच में जो भी अपात्र पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।