Farmer Dies During Treatment At Private Hospital Doctor Accused Of Negligence And Extorting 7 Lakh Rupees
मरीज की मौत, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप
नवभारत टाइम्स•
काकोरी के इटौली गांव के किसान गंगाराम यादव की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही से उनकी जान गई और अस्पताल ने इलाज के नाम पर 7 लाख रुपये लिए। मेदांता अस्पताल में रविवार शाम को गंगाराम यादव ने दम तोड़ा। पुलिस को अभी कोई शिकायत नहीं मिली है।
दुबग्गा के इटौली गांव के किसान गंगाराम यादव की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि विकल्प अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही और पैसे ऐंठने के चलते गंगाराम की जान गई। उन्होंने इलाज के लिए जेवर बेच दिए और ब्याज पर पैसे भी उठाए थे।
गंगाराम यादव, जो भाजपा के मंडल मंत्री के भाई थे, को 16 जनवरी को पैर में दर्द की शिकायत पर दुबग्गा के विकल्प अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि उनके पैर में पस (मवाद) बन गया है। करीब 15 दिन इलाज के बाद जब गंगाराम की हालत बिगड़ने लगी, तो अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें कहीं और ले जाने की बात कहकर जबरन डिस्चार्ज कर दिया।परिजनों ने आनन-फानन में गंगाराम को मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां रविवार शाम को उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि विकल्प अस्पताल के प्रबंधक डॉक्टर विवेक वर्मा ने इलाज के नाम पर उनसे 7 लाख रुपये ऐंठ लिए। वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि केवल डेढ़ लाख रुपये जमा कराए गए थे और ये आरोप झूठे हैं।
इस मामले में इंस्पेक्टर श्रीकांत राय ने बताया कि अभी तक परिजनों की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। तहरीर मिलने पर पुलिस जरूर कार्रवाई करेगी। गंगाराम के परिवार ने इलाज के लिए काफी कर्ज भी लिया था, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई। इस घटना ने निजी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता और मरीजों से वसूली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।