न्यू यमुना ब्रिज से मुंबई तक रेलवे की रफ्तार में इजाफा

नवभारत टाइम्स

दिल्ली से मुंबई तक रेल यात्रा तेज होने वाली है। न्यू यमुना ब्रिज जल्द खुलेगा। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का रीडिवेलपमेंट भी जारी है। बजट में हुई भारी बढ़ोतरी से कई परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ेंगी। बिजवासन रेलवे स्टेशन भी जल्द शुरू होगा। दिल्ली का रेलवे नेटवर्क पूरी तरह विद्युतीकृत हो चुका है।

न्यू यमुना ब्रिज से मुंबई तक रेलवे की रफ्तार में इजाफा
दिल्ली की रेलगाड़ियों को अब नई रफ़्तार मिलने वाली है। न्यू यमुना ब्रिज का काम लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही इसे खोला जाएगा। साथ ही, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का रीडिवेलपमेंट भी यात्रियों को परेशानी के बिना किया जाएगा। केंद्रीय बजट 2026-27 में दिल्ली रेलवे को 2,711 करोड़ रुपये मिले हैं, जिससे कई बड़ी परियोजनाएं तेज़ी से आगे बढ़ेंगी। यह राशि 2009-14 के औसत वार्षिक बजट 96 करोड़ रुपये से करीब 28 गुना ज़्यादा है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, न्यू यमुना ब्रिज का काम लगभग पूरा हो गया है और इसे जल्द ही यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। इससे दिल्ली के पूर्वी और मध्य हिस्सों के बीच रेल यातायात और भी आसान हो जाएगा। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का रीडिवेलपमेंट भी जारी है। अधिकारी इस तरह से योजना बना रहे हैं कि ट्रेनों का संचालन और यात्रियों की आवाजाही में कोई रुकावट न आए। उनका दावा है कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का रीडिवेलपमेंट बिना किसी ट्रैफिक को रोके किया जाएगा। इसके अलावा, बिजवासन रेलवे स्टेशन भी जल्द ही शुरू होने वाला है।
2014 के बाद से दिल्ली में करीब 24 किलोमीटर नई रेलवे लाइन बिछाई गई है। राजधानी का पूरा रेलवे नेटवर्क अब इलेक्ट्रिफाइड हो चुका है, यानी बिजली से चलने वाली ट्रेनों के लिए तैयार है। यातायात को सुचारू बनाने के लिए 14 फ्लाईओवर और अंडरपास भी बनाए गए हैं।

रेल सुरक्षा को और मज़बूत करने के लिए दिल्ली में 'कवच' सुरक्षा सिस्टम पर भी काम चल रहा है। अभी 29 किलोमीटर रूट पर 'कवच' सिस्टम का काम या टेंडर प्रक्रिया चल रही है। वहीं, 104 किलोमीटर रूट के लिए इसे मंज़ूरी मिल चुकी है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि तिलक ब्रिज से लेकर तुगलकाबाद तक 'कवच' सिस्टम का काम जल्द शुरू हो सकेगा। इससे दिल्ली से मुंबई की यात्रा और भी तेज़ हो जाएगी। 'कवच' एक ऐसी तकनीक है जो ट्रेनों को आपस में टकराने से बचाती है, जिससे रेल यात्रा सुरक्षित बनती है। यह सिस्टम ट्रेनों के बीच की दूरी को बनाए रखता है और किसी भी खतरे की स्थिति में अपने आप ब्रेक लगा देता है।

यह ऐतिहासिक बजट आवंटन दिल्ली के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने में एक बड़ा कदम है। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और यात्रा का समय भी कम होगा। नई परियोजनाओं से दिल्ली का रेल नेटवर्क और भी मज़बूत और सुरक्षित बनेगा।