Vasundhara Sector 15 Footpath In Bad Condition Potholes Broken Tiles And Encroachments Trouble Pedestrians
वसुंधरा सेक्टर-15 में फुटपाथ का हाल खराब, कहां चलें लोग
Contributed by: ila|नवभारत टाइम्स•
ट्रांस हिंडन जिले में बुनियादी सुविधाओं की कमी लोगों को परेशान कर रही है। वसुंधरा सेक्टर-15 में फुटपाथ टूटे हुए हैं और उन पर अतिक्रमण है। इससे लोगों को सड़क पर चलना पड़ रहा है। नगर निगम को शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
ट्रांस हिंडन जिले में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली से लोग बेहद परेशान हैं। वसुंधरा सेक्टर-15 के शिखर एन्क्लेव के सामने मुख्य मार्ग पर बने फुटपाथ इतने खराब हो चुके हैं कि लोगों को जान जोखिम में डालकर सड़क पर चलना पड़ रहा है। राहुल डेयरी से अटल चौक तक करीब एक किलोमीटर के रास्ते पर गड्ढे, टूटी टाइलें और अतिक्रमण के कारण पैदल चलना नामुमकिन हो गया है। स्थानीय निवासी संदीप गुप्ता ने बताया कि सुबह की सैर हो या रोज़ाना का आना-जाना, तेज रफ्तार गाड़ियों के बीच चलना खतरनाक हो गया है। हैरानी की बात यह है कि नगर निगम निर्माण टीम का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई शिकायत या टेंडर नहीं मिला है, जबकि स्थानीय लोगों ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है और सोशल मीडिया पर भी अपनी परेशानी बताई है। यह स्थिति तब है जब सुप्रीम कोर्ट ने मई 2025 में कहा था कि सुरक्षित और बिना रुकावट वाले फुटपाथ नागरिकों का मौलिक अधिकार हैं।
नागरिकों और संगठनों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है क्योंकि ट्रांस हिंडन जिले में बुनियादी सुविधाओं की हालत बहुत खराब है। वसुंधरा सेक्टर-15 में शिखर एन्क्लेव के सामने मुख्य सड़क पर बने फुटपाथ अब चलने लायक नहीं बचे हैं। राहुल डेयरी से अटल चौक तक लगभग एक किलोमीटर की दूरी में फुटपाथ पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं, टाइलें टूटी हुई हैं और अवैध कब्जे भी हैं। इस वजह से लोगों को मजबूरी में सड़क पर ही चलना पड़ता है।स्थानीय निवासी संदीप गुप्ता ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा, "सुबह की जॉगिंग हो या रोजमर्रा का आवागमन, तेज रफ्तार वाहनों के बीच जान जोखिम में डालकर चलना पड़ रहा है।" यह स्थिति लोगों के लिए रोज़ाना की मुसीबत बन गई है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि नगर निगम निर्माण टीम का कहना है कि उन्हें इस समस्या के बारे में अभी तक कोई भी औपचारिक शिकायत या टेंडर नहीं मिला है। दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने जनसुनवाई पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई है और सोशल मीडिया पर भी इस समस्या को उठाया है।
यह सब तब हो रहा है जब सुप्रीम कोर्ट ने मई 2025 में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। कोर्ट ने कहा था कि सुरक्षित और बाधा-रहित फुटपाथ नागरिकों का मौलिक अधिकार है, जो संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत आता है। इसके बावजूद, ट्रांस हिंडन में हालात जस के तस बने हुए हैं, जो नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन है।