थार से लिफ्ट देकर लूटपाट करने वाले 7 बदमाश अरेस्ट

नवभारत टाइम्स

पुलिस ने कानपुर रोड पर थार से लिफ्ट देकर लूटपाट करने वाले सात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इन बदमाशों ने दो अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया था। पुलिस ने इनके पास से नकदी, मोबाइल और हथियार बरामद किए हैं। बदमाशों ने थार किराए पर लेकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को पकड़ लिया है।

7 criminals arrested for robbery by giving lift in thar used to commit crime by changing number plate
लखनऊ: पुलिस ने थार गाड़ी से लिफ्ट देने के बहाने ट्रक ड्राइवरों और अन्य लोगों को अगवा कर लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने 7 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। ये बदमाश दो अन्य वारदातों को भी अंजाम दे चुके थे। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई रकम, मोबाइल फोन, हथियार और वारदात में इस्तेमाल की गई थार गाड़ी भी बरामद की है।

कानपुर रोड पर हाइडिल इलाके से एक ट्रक चालक को थार में लिफ्ट देने के बहाने अगवा कर लिया गया था। बदमाशों ने चालक के हाथ-पैर बांधकर उससे 60 हजार रुपये लूट लिए थे। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई थी। इसके बाद उसे सैरपुर इलाके में एक खेत में फेंककर बदमाश फरार हो गए थे। यह घटना 31 जनवरी की है।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो पता चला कि बदमाश थार की नंबर प्लेट बदल रहे थे। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर बिना नंबर प्लेट वाली थार को रोका। थार में चार लोग सवार थे, जिन्हें पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। ये बदमाश थार को एक ट्रेवल एजेंसी से हर दिन 5 हजार रुपये किराए पर लेते थे। फिर थार की नंबर प्लेट बदलकर या हटाकर लोगों को कम पैसों में कानपुर छोड़ने का झांसा देते थे। इसके बाद उन्हें अगवा कर लूटपाट करते थे और फिर कहीं फेंक देते थे।

गिरफ्तार बदमाशों ने बताया कि वे आशियाना के रुचिखंड निवासी ऋषभ पांडेय की ट्रेवल एजेंसी से थार किराए पर लेते थे। ऋषभ पांडेय की एजेंसी का ऑफिस रतनखंड में 'जस्ट बुक योर कार' नाम से है। ऋषभ पांडेय भी इस लूटपाट की रकम में हिस्सा लेता था, इसलिए उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

इसी तरह की एक और वारदात 3 फरवरी को सरोजनीनगर में हुई थी। कानपुर के फिदा हुसैन स्कूटर इंडिया चौराहे के पास कानपुर लौटने के लिए सवारी का इंतजार कर रहे थे। तभी एक काली थार ने उन्हें कानपुर छोड़ने का झांसा दिया। रास्ते में बदमाशों ने उन्हें डरा-धमकाकर 5400 रुपये, एक घड़ी और एक फोन लूट लिया। इतना ही नहीं, उन्होंने गूगल पे से उनके खाते से एक लाख रुपये भी निकलवा लिए थे। इसके बाद उसे कानपुर के रनिया क्षेत्र में एक सुनसान रास्ते पर उतारकर फरार हो गए थे।

पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों की निशानदेही पर गिरोह के दो अन्य सदस्यों, पीजीआई निवासी ज्ञानी और रामसफल को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, ये बदमाश सैरपुर, सरोजनीनगर और बीकेटी में इसी तरह की लूटपाट की वारदातों को अंजाम दे चुके थे।

गिरफ्तार किए गए बदमाशों के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं। आरोपित ऋषभ गोस्वामी के खिलाफ पारा, गोसाईंगंज और हुसैनगंज में 7 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, अक्षय के खिलाफ गोसाईंगंज और पीजीआई में 5 मामले दर्ज हैं। ऋषभ पांडेय के खिलाफ विभूतिखंड में 1 आपराधिक मामला दर्ज है।

इस मामले को सुलझाने में एसआई दीपक रानावत, एसआई नितिन तालियान, एसआई शेषमणी, थाना प्रभारी मनोज कुमार कोरी, हेड कॉन्स्टेबल अवधेश गिरी और हेड कॉन्स्टेबल नदीम ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने बदमाशों के पास से 40130 रुपये, दो मोबाइल फोन, दो तमंचे, दो कारतूस और लूट में इस्तेमाल की गई थार गाड़ी बरामद की है।

यह गिरोह बहुत शातिर था। वे लोगों को कम पैसों में लिफ्ट देने का लालच देते थे। जब लोग थार में बैठ जाते थे, तो वे उन्हें अगवा कर लेते थे। फिर उनके हाथ-पैर बांधकर उनसे सारी नकदी और कीमती सामान लूट लेते थे। अगर पीड़ित विरोध करता था, तो उसके साथ मारपीट भी करते थे। इसके बाद उन्हें कहीं सुनसान जगह पर फेंककर फरार हो जाते थे।

पुलिस ने बताया कि बदमाशों ने थार की नंबर प्लेट बदलने के लिए खास इंतजाम कर रखे थे। वे सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए नंबर प्लेट बदलते थे या फिर उसे हटा देते थे। इससे पुलिस को उन्हें पकड़ने में काफी मुश्किल हो रही थी। लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी और सीसीटीवी फुटेज की मदद से बदमाशों तक पहुंचने में कामयाब रही।

यह गिरोह सिर्फ ट्रक ड्राइवरों को ही नहीं, बल्कि आम लोगों को भी निशाना बनाता था। वे किसी भी ऐसे व्यक्ति को टारगेट करते थे जो अकेले सफर कर रहा हो और जिसे मदद की जरूरत हो। वे लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें लूट लेते थे।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान लोगों से लिफ्ट न लें, खासकर अगर वे संदिग्ध लग रहे हों। अगर कोई आपको लिफ्ट देने की पेशकश करे, तो पहले उसकी गाड़ी की नंबर प्लेट और गाड़ी के अंदर बैठे लोगों को ध्यान से देखें। अगर आपको कुछ भी संदिग्ध लगे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिससे लोगों को राहत मिली है। यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि हमें सफर करते समय सतर्क रहना चाहिए और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी कर रही है, ताकि इस तरह की वारदातों को रोका जा सके।