Sufi Music Mehfil At Surajkund Fair Tourists Danced To Desi Tunes
देसी धुनों के बीच सजीसूफी संगीत की महफिल
नवभारत टाइम्स•
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले का सातवां दिन सूफी संगीत की महफिल से गुलजार रहा। देसी धुनों पर आधारित संगीत ने पर्यटकों को खूब आकर्षित किया। मेले में लोगों की भारी भीड़ देखी गई। यह आयोजन सांस्कृतिक रंगत से सराबोर रहा। सूफी संगीत की प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया।
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले के सातवें दिन पर्यटकों की भारी भीड़ देखी गई। मेले में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था, और हर कोई इस रंगारंग आयोजन का आनंद ले रहा था।
सूरजकुंड मेले का सातवां दिन यानी रविवार, पर्यटकों के लिए खास रहा। इस दिन मेले में इतनी भीड़ उमड़ी कि तिल धरने की जगह नहीं बची। लोग सुबह से ही मेले में पहुंचने लगे थे और देर शाम तक उनका आना-जाना लगा रहा। यह भीड़ इस बात का सबूत है कि सूरजकुंड मेला हर साल लोगों को अपनी ओर खींचने में कामयाब होता है।मेले में हर तरफ रौनक थी। तरह-तरह के स्टॉल सजे थे, जहां से लोग खरीदारी कर रहे थे। हस्तशिल्प, कपड़े, गहने और खाने-पीने की चीजें, सब कुछ उपलब्ध था। बच्चों के लिए भी मनोरंजन के खास इंतजाम थे, जिससे वे खूब खुश नजर आए।
कलाकारों ने भी अपने हुनर से लोगों का दिल जीत लिया। लोक नृत्यों और संगीत की प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया। विदेशी कलाकारों की प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों को खूब लुभाया।
मेले में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात थे, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो। पर्यटकों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए स्वयंसेवक भी मौजूद थे।
कुल मिलाकर, सूरजकुंड मेले का सातवां दिन एक सफल आयोजन रहा। पर्यटकों की भारी भीड़ और उनके उत्साह ने इस मेले को यादगार बना दिया। यह मेला भारत की समृद्ध संस्कृति और कला का एक बेहतरीन प्रदर्शन है।