पोर्टफोलियो में मज़बूती का वक्त

नवभारत टाइम्स

आरबीआई का नजरिया तटस्थ है, लेकिन यह विकास को बढ़ावा देगा। घरेलू मांग, खपत में सुधार, जीएसटी से कार्यक्षमता और सरकारी खर्च पर ध्यान रहेगा। निवेशकों को हालिया ऊंचे रिटर्न के लालच से बचना चाहिए। इसके बजाय, पोर्टफोलियो में स्थिरता लाने पर ध्यान केंद्रित करना महत्वपूर्ण है। यह भविष्य के लिए एक मजबूत वित्तीय रणनीति बनाने में मदद करेगा।

time to strengthen portfolio growth boosted by rbis neutral stance
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपना रुख तटस्थ (न्यूट्रल) रखा है, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक विकास को गति देना है। यह स्थिति घरेलू मांग , जैसे कि उपभोग में वृद्धि, GST से कार्यक्षमता में सुधार और सरकारी खर्च पर ध्यान केंद्रित रहने का संकेत देती है। ऐसे में, निवेशकों को केवल हाल के शानदार रिटर्न को देखकर आकर्षित होने से बचना चाहिए। इसके बजाय, उन्हें अपने निवेश पोर्टफोलियो में स्थिरता लाने पर जोर देना चाहिए।

RBI का यह कदम अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वे चाहते हैं कि लोग ज्यादा से ज्यादा चीजें खरीदें और सरकारी खर्च भी बढ़े, जिससे देश की तरक्की हो। GST जैसे सुधारों से व्यापार करना आसान हो रहा है, जो अच्छी बात है।
लेकिन, शेयर बाजार में जो लोग पैसा लगाते हैं, उन्हें जरा सावधान रहने की जरूरत है। सिर्फ इसलिए कि कुछ शेयर बहुत तेजी से ऊपर गए हैं, उनमें तुरंत पैसा लगाना समझदारी नहीं है। बाजार में उतार-चढ़ाव आता रहता है।

इसलिए, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पैसे को सुरक्षित रखने और लंबे समय तक फायदा उठाने के लिए सोच-समझकर निवेश करें। अपने पोर्टफोलियो को ऐसा बनाएं कि वह बाजार के उतार-चढ़ाव में भी स्थिर रहे।