‘शोध पर आधारित है यूनानी चिकित्सा’

नवभारत टाइम्स

लखनऊ में केंद्रीय यूनानी अनुसंधान संस्थान में विशेषज्ञों ने यूनानी चिकित्सा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की वकालत की। उन्होंने बताया कि यह चिकित्सा पद्धति केवल पारंपरिक नहीं है, बल्कि इसके पीछे ठोस वैज्ञानिक सिद्धांत और वर्षों का शोध है। संस्थान में लगातार अनुसंधान हो रहा है। आधुनिक विज्ञान के साथ इसे जोड़कर नई संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

unani medicine research based exploring new paths by connecting with modern science
लखनऊ: केंद्रीय यूनानी अनुसंधान संस्थान में विशेषज्ञों ने यूनानी चिकित्सा पद्धति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की वकालत की है। उन्होंने बताया कि यूनानी चिकित्सा सिर्फ पुरानी पद्धति नहीं है, बल्कि इसके पीछे मजबूत वैज्ञानिक सिद्धांत और सालों का शोध है। यह बात यूनानी चिकित्सा मिलन और अनुभव कार्यक्रम में कही गई।

संस्थान के उप निदेशक डॉ. नजमुस सहर ने बताया कि यूनानी चिकित्सा पर लगातार रिसर्च चल रही है। इसे आधुनिक विज्ञान से जोड़कर नई संभावनाओं को खोजा जा रहा है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरिफा ने यूनानी चिकित्सा के वैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि कैसे यूनानी चिकित्सा के सिद्धांत वैज्ञानिक कसौटी पर खरे उतरते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूनानी चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक शोध के नतीजों को सामने लाना बहुत ज़रूरी है। इससे लोगों का इस पद्धति पर भरोसा बढ़ेगा और यह दुनिया भर में अपनी पहचान बना सकेगी।