‘खास मौके’ का रखें खयाल

नवभारत टाइम्स

केंद्रीय बैंक ने लोन वसूली के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। अब परिवार में किसी की मृत्यु, बड़ी मुसीबत, शादी-ब्याह या त्योहार जैसे खास मौकों पर वसूली नहीं होगी। यदि ग्राहक का लोन मामला कोर्ट में है, तो बैंक को वसूली के लिए एजेंट नियुक्त करते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी। यह बदलाव ग्राहकों को राहत देगा।

loan recovery halted on special occasions new rbi proposal
केंद्रीय बैंक ने ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए कहा है कि किसी भी 'खास मौके' पर लोन की वसूली के लिए परेशान नहीं किया जाएगा। इसमें परिवार में किसी की मौत, बड़ी मुसीबत या शादी-ब्याह और त्योहार जैसे खुशी के मौके शामिल हैं। साथ ही, अगर किसी ग्राहक का लोन मामला कोर्ट में है, तो बैंक को उसे अपने कर्मचारी या एजेंट को सौंपते समय बहुत सावधानी बरतनी होगी।

यह नया नियम ग्राहकों को मानसिक तनाव से बचाने के लिए लाया गया है। बैंक अब किसी के दुख या खुशी के पलों में वसूली के लिए दबाव नहीं बना पाएंगे। यह एक बड़ा कदम है जो ग्राहकों के प्रति बैंक के रवैये में बदलाव लाएगा।
नियमों में यह भी साफ किया गया है कि अगर किसी ग्राहक का लोन मामला कोर्ट में चल रहा है, तो बैंक को उसे अपने कर्मचारी या एजेंट को सौंपते वक्त बेहद सावधानी बरतनी होगी। इसका मतलब है कि बैंक अब मनमाने तरीके से वसूली के लिए किसी को नहीं भेज पाएंगे, खासकर जब मामला कानूनी पचड़े में हो।

यह बदलाव ग्राहकों को सुरक्षा प्रदान करेगा और उन्हें अनावश्यक परेशानी से बचाएगा। केंद्रीय बैंक का यह कदम ग्राहकों के हितों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।