Noida Senior Manager Abused In Insurance Company Office Threat To Kill
बीमा कंपनी के दफ्तर में घुसकर सीनियर मैनेजर से बदसलूकी
नवभारत टाइम्स•
नोएडा के सेक्टर-8 स्थित एक निजी बीमा कंपनी में सीनियर मैनेजर के साथ बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया है। मैनेजर ने एक महिला मरीज को क्लेम संबंधी पूछताछ के लिए बुलाया था। महिला की जगह तीन लोग पहुंचे और मैनेजर से गाली-गलौज व मारपीट की। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नोएडा के सेक्टर-8 में एक निजी बीमा कंपनी के दफ्तर में सीनियर मैनेजर के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। पीड़ित मैनेजर का आरोप है कि एक ही बीमारी के लिए कई लोगों द्वारा गलत तरीके से क्लेम करने की जांच के दौरान, जब एक महिला मरीज को पूछताछ के लिए बुलाया गया तो उसकी जगह तीन लोग पहुंचे और गाली-गलौज व मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के संबंध में फेज वन थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी के नोएडा कार्यालय में सीनियर मैनेजर के पद पर तैनात डॉ. चेतन तिवारी ने पुलिस को बताया कि कंपनी में मेडिकल क्लेम से जुड़ी कुछ गड़बड़ियों की जांच चल रही थी। जांच में पता चला कि कुछ पॉलिसीधारकों ने गलत तरीके से क्लेम लिए थे और एक ही बीमारी के लिए अलग-अलग कंपनियों से भी क्लेम किए गए थे। इसी मामले में उन्होंने ममता देवी नाम की एक मरीज को पूछताछ के लिए अपने ऑफिस बुलाया था।डॉ. तिवारी के अनुसार, ममता देवी खुद ऑफिस नहीं आईं, बल्कि उनकी जगह तीन लोग वहां पहुंच गए। उनमें से एक व्यक्ति ने अपना नाम संजय बताया और कहा कि अगर कोई बात करनी है तो उससे की जाए, ममता देवी को क्यों बुलाया जा रहा है। मैनेजर ने स्पष्ट किया कि क्लेम ममता देवी के नाम से है, इसलिए उन्हीं से बात की जाएगी।
इस पर संजय और उसके साथ आए दो अन्य लोग भड़क गए। उन्होंने मैनेजर के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। जब मैनेजर ने विरोध किया तो उन्होंने धक्का-मुक्की की और जान से मारने की धमकी भी दी। इस हंगामे से ऑफिस का माहौल बिगड़ गया। अन्य कर्मचारियों के बीच-बचाव के बाद तीनों लोग वहां से चले गए, लेकिन जाते-जाते फिर से धमकी देकर गए। पीड़ित मैनेजर की शिकायत पर फेज वन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अब इस घटना की जांच कर रही है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि आखिर क्लेम में क्या गड़बड़ी थी और क्यों तीन लोग महिला की जगह मैनेजर से भिड़ने पहुंचे थे। इस घटना ने बीमा कंपनियों में क्लेम प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला दिखाता है कि कैसे गलत तरीके से क्लेम लेने वाले लोग जांच को रोकने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। पुलिस अब इन तीनों व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।