'टेप' के सहारे लोगों की सुरक्षा

नवभारत टाइम्स

नोएडा में खुले नालों पर सुरक्षा के नाम पर सिर्फ टेप बांधा जा रहा है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद भी स्थिति जस की तस है। ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कई जगहों पर गहरे नाले खुले पड़े हैं। इन पर बैरिकेडिंग या कवर लगाने के बजाय कर्मचारियों ने खानापूर्ति की है।

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ग्रेटर नोएडा में खुले नालों का खतरनाक खेल जारी है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम ने सिर्फ खानापूर्ति की है। नालों को ढकने या बैरिकेडिंग करने के बजाय, कर्मचारियों ने सेफ्टी टेप बांधकर पल्ला झाड़ लिया है। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में हालात चिंताजनक हैं। सेक्टर-150 में युवराज मेहता की मौत के बाद प्राधिकरण ने खुले नालों को चिन्हित किया था। लेकिन, इन नालों को सुरक्षित करने के बजाय, कर्मचारियों ने सिर्फ सेफ्टी टेप लगाकर काम खत्म कर दिया। यह लापरवाही किसी भी वक्त जानलेवा साबित हो सकती है।
सेक्टर चाई वन के पास मुख्य सड़क के दोनों ओर गहरे नाले खुले पड़े हैं। यहां नालों को ढकने के प्राधिकरण के दावे फेल साबित हो रहे हैं। विप्रो गोलचक्कर से सेक्टर-36 की ओर जाने वाली सड़क पर भी खुले नालों पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। इन नालों के किनारे सर्विस रोड पर कई सोसाइटियां हैं, जिससे यहां रहने वाले लोगों में हादसे का डर बना रहता है।

बिरौंडी गांव से स्वर्ण नगरी की ओर जाने वाले मार्ग पर भी यही हाल है। खुले नालों के किनारे सिर्फ सेफ्टी टेप बांधकर सुरक्षा के दावे किए गए हैं, जो बिल्कुल भी उचित नहीं है। ऐसे में, तेज रफ्तार वाहन आसानी से इन टेपों को तोड़कर नालों में गिर सकते हैं।

सेक्टर गामा वन स्थित ऑफिसर्स कॉलोनी, जहां ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के कई वरिष्ठ अधिकारी रहते हैं, वहां भी स्थिति अलग नहीं है। सेक्टरवासियों ने बताया कि हवेलिया नाले के पास एक कट खुला पड़ा है, जो बेहद खतरनाक है। इस सड़क पर रोजाना काफी वाहन गुजरते हैं। इस खतरनाक कट को बंद करने के बजाय, सिर्फ टेप और लोहे के पतले तार बांधे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि तेज रफ्तार गाड़ी इन तारों को तोड़कर सीधे नाले में जा सकती है। यह स्थिति प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। लोगों की सुरक्षा के प्रति उनकी लापरवाही साफ दिख रही है।