Congress Internal Strife Its Important To Pay Attention To Senior Leaders Suggestions
सुझाव मानना होगा
नवभारत टाइम्स•
कांग्रेस पार्टी में अंदरूनी कलह बढ़ रही है। वरिष्ठ नेताओं के बयान पार्टी को असहज कर रहे हैं। केरल और असम जैसे राज्यों में यह चिंता का विषय है। पार्टी की एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी एकता भी प्रभावित हो रही है। चुनाव जीतने के लिए पार्टी को वरिष्ठ नेताओं की सलाह सुननी होगी।
कांग्रेस में अंदरूनी कलह पार्टी की चुनावी राह मुश्किल बना रही है। वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर के बयान ने पार्टी को केरल विधानसभा चुनावों से पहले ही असहज कर दिया है। असम में भी भूपेन बोरा का असंतोष पार्टी की एकता पर सवाल उठा रहा है। इन मतभेदों के कारण कांग्रेस एकजुट नहीं दिख रही, जिससे विपक्षी एकता भी प्रभावित हो रही है। चुनाव जीतने के लिए पार्टी को अपने वरिष्ठ नेताओं की सलाह सुननी होगी।
यह बात 17 फरवरी के संपादकीय में उठाई गई है। कांग्रेस के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है। यह पार्टी की सक्रियता और चुनाव जीतने की संभावनाओं के लिए एक बड़ी चुनौती है। मणिशंकर अय्यर जैसे वरिष्ठ नेता के बयान से पार्टी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। यह स्थिति केरल में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए और भी चिंताजनक है।असम में भी पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेन बोरा का असंतोष कांग्रेस की मजबूती पर सवाल खड़ा करता है। जब पार्टी के भीतर ही मतभेद होते हैं, तो वह एकजुट नहीं दिख पाती। इसका असर विपक्षी दलों के बीच तालमेल पर भी पड़ता है। चुनाव में जीत हासिल करने के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि कांग्रेस अपने अनुभवी नेताओं की बातों पर ध्यान दे। रमेश मुकुल, नोएडा ने इस मुद्दे को उठाया है।