सोने-चांदी में 18 महीने में पैसा डबल, प्रॉफिट बुकिंग कर लें?

नवभारत टाइम्स

पिछले 18 महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। कीमतें दोगुनी से ज्यादा हो गई हैं। नए निवेशकों ने भारी निवेश किया है। मार्केट एक्सपर्ट्स अब इसमें ज्यादा पैसा फंसाए रखना जोखिम भरा बता रहे हैं। वे थोड़ा पैसा निकालने की सलाह दे रहे हैं।

सोने-चांदी में 18 महीने में पैसा डबल, प्रॉफिट बुकिंग कर लें?
पिछले 18 महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ उछाल आया है, जिससे ये दोगुनी से भी ज्यादा महंगी हो गई हैं। इस वजह से नए निवेशक बड़ी संख्या में बाजार में आए हैं। हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स अब सलाह दे रहे हैं कि इन कीमती धातुओं में बहुत ज्यादा पैसा लगाना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए, वे निवेशकों को थोड़ा पैसा निकालने की सलाह दे रहे हैं।

ET की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले डेढ़ साल में डॉलर के मुकाबले सोने की कीमत 101% बढ़ी है, जबकि रुपये के हिसाब से यह 116% उछली है। वहीं, चांदी ने तो और भी ज्यादा कमाल दिखाया है। डॉलर में चांदी 167% और रुपये में 198% महंगी हुई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भले ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी जनवरी 2026 के अपने उच्चतम स्तर से 36.63% और सोना 7.8% गिर चुका है, फिर भी अभी नया और बड़ा निवेश करना समझदारी नहीं होगी।
सोने-चांदी में आई इस हालिया तेजी को देखते हुए भारतीय निवेशकों ने पिछले कुछ महीनों में रिकॉर्ड तोड़ पैसा लगाया है। जनवरी में पहली बार गोल्ड और सिल्वर स्कीमों में आने वाला पैसा इक्विटी फंड्स से भी ज्यादा रहा। कीमती धातुओं के ETF में उस महीने 33,503 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो दिसंबर के 15,600 करोड़ रुपये के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा था। यह इक्विटी स्कीमों में आए 24,029 करोड़ रुपये से भी अधिक था।

यह दिखाता है कि सोने-चांदी की चमक ने निवेशकों को कितना आकर्षित किया है। लेकिन एक्सपर्ट्स की राय है कि जब कोई चीज बहुत तेजी से ऊपर जाती है, तो उसमें गिरावट का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए, वे सलाह दे रहे हैं कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो में संतुलन बनाए रखें और सारा पैसा एक ही जगह न लगाएं। थोड़ा-थोड़ा करके मुनाफा निकालना समझदारी का काम हो सकता है।