नेपाल के रास्ते गुड़गांव पहुंचा था साइबर ठगी का पूरा ‘सिस्टम’

नवभारत टाइम्स

गुड़गांव में एक घर से साइबर ठगी का बड़ा रैकेट पकड़ा गया है। विदेशी ठगों की मदद के लिए यहां टेलीफोन एक्सचेंज बनाया गया था। एक मोबाइल से रोज एक हजार से ज्यादा कॉल की जाती थीं। यह सिस्टम चीन से नेपाल के रास्ते भारत भेजा गया था। पुलिस इस चेन की तलाश कर रही है।

cyber fraud system reached gurgaon via nepal calling support for foreign fraudsters
सेक्टर-28, फरीदाबाद में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ विदेश में बैठे साइबर ठगों की मदद के लिए एक घर में ही टेलीफोन एक्सचेंज चलाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में नागालैंड की रहने वाली कुंग पनमई को गिरफ्तार किया है, जो एक चीनी सिंडिकेट के लिए काम कर रही थी। यह सिंडिकेट नेपाल के रास्ते भारत में मोबाइल फोन सिस्टम भेजता था, जिन्हें कुछ नेपाली युवक डिलीवर करते थे। पुलिस अब इस पूरे रैकेट की चेन का पता लगाने में जुटी है, जिसमें गुड़गांव तक सिस्टम पहुंचाने वालों की तलाश की जा रही है। पकड़ी गई महिला के पति की तलाश में भी पुलिस छापेमारी कर रही है।

साइबर क्राइम थाना ईस्ट पुलिस ने गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की मदद से यह कार्रवाई की। सेक्टर-28 के एक घर में छापा मारकर पुलिस ने पाया कि वहां वर्चुअल सिम बॉक्स लगाकर विदेशी ठगों को भारत में लोगों से ठगी करने में मदद की जा रही थी। कमरे से तीन मोबाइल फोन चालू हालत में मिले, जो अपने आप अलग-अलग भारतीय नंबरों पर कॉल कर रहे थे।
यह पूरा सिस्टम बेहद चालाकी से काम कर रहा था। साइबर ठगों ने इन मोबाइल फोन में पहले से ही एक खास ऐप, VDMS APK, इंस्टॉल कर रखा था। विदेश से आने वाली कॉलें पहले इन मोबाइल पर आती थीं। इसके बाद, इन मोबाइल का इस्तेमाल करके भारतीय नागरिकों को ठगा जाता था। पुलिस के अनुसार, हर दिन एक मोबाइल से एक हजार से ज्यादा लोगों को कॉल की जाती थी। इस तरह, तीनों मोबाइल से रोजाना तीन हजार से ज्यादा कॉल भारतीयों को की जा रही थीं। इस काम के लिए पति-पत्नी को कमीशन मिलता था।

एक मोबाइल से एक हजार से अधिक कॉल किए जाने की बात सामने आई है, जो इस रैकेट की भयावहता को दर्शाता है। यह मोबाइल फोन सिस्टम चीनी सिंडिकेट ने नेपाल के रास्ते भारत भेजा था। कुछ नेपाली युवकों के इन फोन को डिलीवर करने की बात भी सामने आई है। पुलिस टीम अब इस सिस्टम को गुड़गांव तक पहुंचाने वाले लोगों की चेन का पता लगाने में जुटी है।

पकड़ी गई आरोपी महिला के पति की तलाश में भी पुलिस टीम जगह-जगह रेड कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इनका मुख्य सरगना कौन है। पुलिस का मानना है कि यह एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का रैकेट है, जिसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं। इस मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस जल्द ही इस रैकेट का पर्दाफाश करने का दावा कर रही है।