गलत दिशा से हाइवे पर अब नो एंट्री, बंद किए 35 अवैध कट

नवभारत टाइम्स

दिल्ली-जयपुर हाइवे पर हादसों को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। एनएचएआई और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर 49 अवैध कटों को चिह्नित किया था, जिनमें से 35 को तुरंत बंद कर दिया गया है। पिछले साल इस हाइवे पर 234 हादसे हुए थे, जिनमें 127 लोगों की जान गई थी।

35 illegal cuts closed on delhi jaipur highway no entry from wrong direction now
दिल्ली-जयपुर हाइवे (NH-48) पर लगातार हो रहे हादसों को रोकने के लिए NHAI और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर एक बड़ा कदम उठाया है। इसी महीने हुए एक सर्वे में 49 ऐसे रास्ते (कट) मिले जो गैर-कानूनी थे। इनमें से 35 को तुरंत बंद कर दिया गया है। यह कार्रवाई इसलिए की गई है क्योंकि पिछले एक साल में इस हाइवे पर हुए 234 हादसों में 127 लोगों की जान चली गई थी, और इस साल जनवरी में ही 15 हादसों में 8 लोगों की मौत हो चुकी है। जांच में पता चला कि ये रास्ते बिना किसी इजाजत के बनाए गए थे, कहीं फुटपाथ तोड़कर तो कहीं डिवाइडर को नुकसान पहुंचाकर। अब इन रास्तों को बंद करने के साथ-साथ क्रैश बैरियर लगाए जा रहे हैं और टोल प्लाजा के पास चेतावनी के तौर पर पीली-काली पट्टियां भी बनाई गई हैं, ताकि गाड़ी चलाने वाले सावधान रहें।

यह चिंताजनक स्थिति तब सामने आई जब पिछले एक साल के आंकड़ों पर गौर किया गया। शहर में कुल 1118 सड़क हादसे हुए, जिनमें से 234 अकेले दिल्ली-जयपुर हाइवे पर हुए। इन हादसों में 127 लोगों की जान गई। यह आंकड़ा डराने वाला है। सिर्फ जनवरी 2024 में ही इस हाइवे पर 15 हादसे हुए और 8 लोगों की मौत हो गई। यह दिखाता है कि इस हाइवे पर सुरक्षा को लेकर कितनी बड़ी समस्या है।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि कई अवैध कट बिना किसी सरकारी अनुमति के बनाए गए थे। लोगों ने अपनी सुविधा के लिए फुटपाथ तोड़ दिए या फिर हाइवे के बीच बने डिवाइडर को नुकसान पहुंचाकर रास्ता बना लिया। ऐसे रास्तों पर अचानक गाड़ी मोड़ने से या गलत दिशा से आने वाली गाड़ियों से टक्कर होने का खतरा बहुत बढ़ जाता है।

इन गंभीर हादसों को देखते हुए, ट्रैफिक पुलिस और NHAI ने मिलकर एक संयुक्त सर्वे किया। इस सर्वे में कुल 49 ऐसे कट चिह्नित किए गए जो गैर-कानूनी थे। इन अवैध रास्तों को तुरंत बंद करने का फैसला लिया गया। तत्काल कार्रवाई करते हुए 35 कटों को बंद कर दिया गया है।

सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए, कई जगहों पर क्रैश बैरियर भी लगाए गए हैं। ये बैरियर गाड़ियों को दूसरी तरफ जाने से रोकते हैं और हादसों की गंभीरता को कम करते हैं। इसके अलावा, टोल प्लाजा के पास पीली-काली पट्टियां बनाकर चेतावनी संकेत भी लगाए गए हैं। इन पट्टियों का मतलब है कि आगे खतरा है और चालकों को सतर्क रहना चाहिए। यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि गाड़ी चलाने वाले सावधान रहें और किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।

इस कार्रवाई पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह कार्रवाई जारी रहनी चाहिए ताकि उन्हें राहत मिल सके। लोगों की यह मांग है कि सुरक्षा को लेकर ऐसे ही कड़े कदम उठाए जाएं ताकि दिल्ली-जयपुर हाइवे पर होने वाले हादसों में कमी आए और लोगों की जान बचाई जा सके।