25 Crore Road Uprooted In One Day Questions Raised On Public Works Departments Quality
ढाई करोड़ से बन रही सड़क एक दिन बाद ही उखड़ने लगी, उठे सवाल
नवभारत टाइम्स•
हथीन में ढाई करोड़ की लागत से बनी सड़क एक दिन में ही उखड़ गई। लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। समाजसेवी गजराज आर्य ने घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। उन्होंने ठेकेदार की मिलीभगत से काम करने की बात कही है। आर्य ने सड़क निर्माण रोकने और विजिलेंस जांच की मांग की है।
हथीन: गांव टीकरी ब्राह्मण से रहराना तक बन रही नई सड़क का निर्माण घटिया तरीके से हो रहा है। लोक निर्माण विभाग की तरफ से ढाई करोड़ रुपये के बजट से बन रही इस सड़क का काम रॉक स्ट्रेंथ कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है। सड़क बनने के एक दिन बाद ही उखड़ने लगी है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। समाजसेवी गजराज आर्य ने इस मामले की शिकायत लोक निर्माण विभाग हथीन के उपमंडल अभियंता विपिन व्यास से की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ठेकेदार ने तारकोल की सही मात्रा का इस्तेमाल नहीं किया और मिट्टी के ऊपर ही सड़क बना दी, जिससे गिट्टियां निकलने लगी हैं। गजराज आर्य ने मांग की है कि काम तुरंत रोका जाए, टेंडर के अनुसार सड़क बने, ठेकेदार का पेमेंट रोका जाए और निर्माण सामग्री की जांच विजिलेंस से कराई जाए।
समाजसेवी गजराज आर्य ने बृहस्पतिवार को लोक निर्माण विभाग हथीन के उपमंडल अभियंता विपिन व्यास से मिलकर इस सड़क निर्माण में हो रही धांधली की शिकायत की। उन्होंने बताया कि यह सड़क लगभग ढाई करोड़ रुपये के बजट से बनाई जा रही है। इस सड़क का निर्माण रॉक स्ट्रेंथ कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है। आर्य के अनुसार, सड़क बनाने में तारकोल की तय मात्रा का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। इसी वजह से सड़क पर लगी गिट्टियां तुरंत निकलने लगी हैं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है।गजराज आर्य ने बताया कि 23 और 24 फरवरी को जो सड़क बनाई गई थी, वह 25 फरवरी को ही कई जगहों से उखड़ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने मिलीभगत करके सीधे मिट्टी के ऊपर ही सड़क का ऊपरी हिस्सा (कारपेट) बिछा दिया है। कारपेट बिछाने से पहले सड़क के किनारों (बरम) को चौड़ा भी नहीं किया गया।
समाजसेवी गजराज आर्य ने मांग की है कि इस सड़क निर्माण के काम को तुरंत रोका जाए। उन्होंने कहा कि सड़क का निर्माण टेंडर में तय की गई शर्तों के अनुसार ही होना चाहिए। आर्य ने यह भी मांग की है कि ठेकेदार को भुगतान तुरंत रोका जाए। साथ ही, निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की जांच विजिलेंस विभाग से कराई जाए।