पुरानी गाड़ियों में E20 पेट्रोल से घट गया माइलेज: सर्वे

नवभारत टाइम्स

पुरानी पेट्रोल गाड़ियों में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से माइलेज कम हो रहा है और इंजन खराब हो रहे हैं। सरकार ने 1 अप्रैल से पेट्रोल की क्वालिटी बढ़ाने का फैसला लिया है। अब पेट्रोल का रिसर्च ऑक्टेन नंबर कम से कम 95 होगा। यह बदलाव पुरानी गाड़ियों की समस्याओं को दूर करने में मदद करेगा।

e20 petrol reduces mileage of old cars engine problems survey reveals

NBT रिपोर्ट : भारत में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) के इस्तेमाल से पुरानी गाड़ियों की सेहत बिगड़ रही है। LocalCircles के एक ताजा सर्वे में खुलासा हुआ है कि 2022 या उससे पहले की पेट्रोल गाड़ियों का न सिर्फ माइलेज कम हुआ है, बल्कि उनके इंजन में भी खराबी आ रही है। इसे देखते हुए सरकार ने इस साल 1 अप्रैल से पेट्रोल की क्वालिटी बढ़ाने का फैसला लिया है। सरकार ने आदेश दिया है कि 1 अप्रैल से बिकने वाले इस पेट्रोल का 'रिसर्च ऑक्टेन नंबर' (RON) कम से कम 95 होना चाहिए। ज्यादा ऑक्टेन वाला फ्यूल इंजन के लिए ज्यादा सुरक्षित होता है। इससे इंजन में 'नॉकिंग' (खट-खट की आवाज) का खतरा कम हो जाता है। नॉकिंग तब होती है जब इंजन के अंदर फ्यूल ठीक से नहीं जलता, जिससे लंबे समय में इंजन को भारी नुकसान हो सकता है। अभी यह देखना बाकी है कि क्या नया ऑक्टेन नियम पुरानी गाड़ियों की इन समस्याओं को पूरी तरह खत्म कर पाएगा।