मैन्युफैक्चरिंग तेज़, खेती नरम

नवभारत टाइम्स

इस वित्त वर्ष में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 11.5% की शानदार ग्रोथ का अनुमान है। यह पिछले साल के 9.3% से अधिक है। वहीं, खेती-बाड़ी की रफ्तार थोड़ी धीमी होकर 2.4% रहने की उम्मीद है। सर्विसेज सेक्टर में भी 11.7% की वृद्धि का अनुमान है। मैन्युफैक्चरिंग की यह तेजी अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है।

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सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में शानदार ग्रोथ का अनुमान लगाया है। इस साल मैन्युफैक्चरिंग 11.5% की रफ्तार से बढ़ेगी, जो पिछले साल 9.3% थी। वहीं, खेती-बाड़ी की ग्रोथ थोड़ी धीमी होकर 2.4% रहने का अनुमान है, जो पिछले साल 4.2% थी। मंत्रालय का कहना है कि पिछले तीन सालों से अर्थव्यवस्था की अच्छी चाल में मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हाथ रहा है। सर्विसेज सेक्टर , जिसमें ट्रेड, होटल और फाइनेंस जैसे हिस्से शामिल हैं, की ग्रोथ भी बढ़कर 11.7% होने का अनुमान है, जो पिछले साल 10.6% थी। बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ इकनॉमिस्ट मदन सबनवीस ने कहा, "सरप्राइज एलिमेंट मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ है। इससे IIP की नई सीरीज के आंकड़े भी बेहतर हो सकते हैं।"

यह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ वाकई चौंकाने वाली है। इसने अर्थव्यवस्था को एक नई जान दी है। पिछले कुछ सालों से मैन्युफैक्चरिंग लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और इस बार भी यह उम्मीद से बेहतर दिख रही है। यह दिखाता है कि देश में चीजें बन रही हैं और बिक रही हैं, जो एक अच्छी बात है।
दूसरी तरफ, खेती-बाड़ी की रफ्तार थोड़ी कम होने का अनुमान है। यह थोड़ा चिंता का विषय हो सकता है, लेकिन फिर भी 2.4% की ग्रोथ बुरी नहीं है। सरकार को इस पर ध्यान देना होगा ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो।

सर्विसेज सेक्टर की ग्रोथ में भी अच्छी उछाल देखी जा रही है। इसका मतलब है कि लोग घूम-फिर रहे हैं, होटल में रुक रहे हैं और पैसों का लेन-देन भी बढ़ रहा है। यह सब अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है।

इकनॉमिस्ट मदन सबनवीस की बात बिल्कुल सही है। मैन्युफैक्चरिंग की यह ग्रोथ वाकई एक सरप्राइज है। इससे इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंडेक्स (IIP) के नए आंकड़े भी अच्छे आने की उम्मीद है। IIP बताता है कि फैक्ट्रियों में कितनी चीजें बन रही हैं।