NBT रिपोर्ट, नई दिल्ली : सरकार ने अर्थव्यवस्था की रफ्तार मापने का तरीका बदल दिया है। नए तरीके के हिसाब शुक्रवार को जारी किए गए अनुमान के मुताबिक, देश के ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) की ग्रोथ मौजूदा वित्त वर्ष में 7.6% रह सकती है। इसी वित्त वर्ष के लिए जनवरी में जारी पहले अग्रिम अनुमान में 7.4% GDP ग्रोथ की बात की गई थी। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वन मंत्रालय ने कहा कि नए तरीके में बेस ईयर को 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया गया है, साथ ही GST और ई-वाहन पोर्टल के आंकड़ों का उपयोग करने के अलावा असंगठित क्षेत्र की इकाइयों की तस्वीर को बेहतर तरीके से कवर किया गया है।
ताजा आंकड़ों के साथ भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है। दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी अमेरिका की ग्रोथ 2.1% और दूसरे नंबर पर मौजूद चीन की ग्रोथ 5% है। तीसरे नंबर पर मौजूद जर्मनी की ग्रोथ रेट 0.2% है।
मंत्रालय ने बताया कि रियल GDP यानी कॉन्सटैंट प्राइसेज पर GDP इस वित्त वर्ष में 322.58 लाख करोड़ रुपये की रह सकती है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पहले संशोधित अनुमान में इकॉनमी का साइज 299.89 लाख करोड़ रुपये आंका गया था और GDP ग्रोथ रेट 7.1% थी।

