मुआवज़े के लिए LDA मुख्यालय घेरा

नवभारत टाइम्स

लखनऊ में किसानों ने एलडीए मुख्यालय का घेराव किया। वे मुआवजे की मांग कर रहे थे। कई साल पहले उनकी जमीनें अधिग्रहित की गई थीं। एलडीए ने उनकी मांगों को अनसुना किया। चिनहट तिराहे पर अवैध निर्माण भी 24 साल से हटा नहीं है। किसानों का भुगतान 41 साल बाद भी पूरा नहीं हुआ है।

farmers protest at lda headquarters for compensation slogans and effigy burning
लखनऊ: शुक्रवार को गोमती नगर स्थित एलडीए मुख्यालय पर किसानों ने जोरदार हंगामा किया। उजिरयांव फेज-1 और फेज-2 के 25 गांवों के किसानों ने अपनी जमीन सालों पहले अधिग्रहित होने के बावजूद पूरा भुगतान न मिलने और अन्य लंबित मांगों को लेकर एलडीए के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला फूंका। भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रीयतावादी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक यादव ने बताया कि एलडीए किसानों की मांगों को लगातार अनसुना कर रहा है।

किसानों का गुस्सा इस बात पर था कि सालों पहले उनकी जमीनें ले ली गईं, लेकिन आज तक उन्हें पूरा पैसा नहीं मिला। एलडीए की लापरवाही के चलते 41 साल बीत जाने के बाद भी उजरियांव गांवों के किसानों का भुगतान अधूरा है। यह जमीनें एलडीए ने साल 1984 में अधिग्रहित की थीं।
इसके अलावा, किसानों ने चिनहट तिराहे पर हो रहे अवैध निर्माण का मुद्दा भी उठाया। अशोक यादव ने कहा कि यह अवैध निर्माण 24 सालों से चला आ रहा है। सैकड़ों बार कोशिशों के बावजूद एलडीए इस अतिक्रमण को हटाने में नाकाम रहा है। किसानों की ये तमाम लंबित मांगें एलडीए द्वारा लगातार नजरअंदाज की जा रही थीं, जिसके चलते उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।