गंदगी को 'धूल' चटाएंगे मिलेनियम सिटी के लोग

नवभारत टाइम्स

गुड़गांव के लोग शहर में बढ़ते धूल और वायु प्रदूषण से परेशान हैं। विभागों से बार-बार शिकायत के बाद भी सुधार न होने पर निवासियों ने सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) पर स्वैच्छिक सफाई अभियान चलाने का फैसला किया है।

गंदगी को 'धूल' चटाएंगे मिलेनियम सिटी के लोग
गुड़गांव के लोग अब शहर में बढ़ते धूल और वायु प्रदूषण से तंग आ गए हैं। बार-बार शिकायत करने के बाद भी जब विभागों ने कोई सुनवाई नहीं की, तो रविवार को रेजिडेंट्स खुद सड़क पर उतर आए। उन्होंने सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) पर 'झाड़ू चलाओ-शहर बचाओ' का नारा लगाते हुए एक प्रतीकात्मक सफाई अभियान चलाया। इसका मकसद सड़क किनारे जमा धूल-मिट्टी को हटाकर प्रशासन और आम लोगों को जागरूक करना था। रेजिडेंट्स का कहना है कि यह कोई विरोध नहीं, बल्कि शहर को बेहतर बनाने की एक अच्छी कोशिश है।

SPR पर वाटिका चौक के पास पिछले दो सालों से ड्रेनेज का काम चल रहा है। इस दौरान निकली मिट्टी सड़कों के किनारे पड़ी हुई है। इसे हटाने की मांग कई बार की गई, लेकिन विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं। आरोप है कि इस धूल से आसपास के इलाकों में प्रदूषण फैल रहा है। गौरी सरीन ने बताया कि विभागों से गुहार लगाते-लगाते लोग थक चुके हैं। इसलिए, यह एक सांकेतिक प्रयास है, जिसमें SPR के एक खास हिस्से से धूल हटाई जाएगी। इस अभियान की शुरुआत में सुदिप्ता, राकेश बंगा और कई अन्य निवासी शामिल थे।
यह पहल इसलिए जरूरी है क्योंकि SPR पर चल रहे निर्माण कार्य, भारी वाहनों की आवाजाही और खुले में पड़ी मिट्टी की वजह से सड़क किनारे धूल की मोटी परत जम गई है। इससे गाड़ी चलाने वालों को दिक्कत होती है और हवा की गुणवत्ता भी खराब होती है। हाल ही में शहर का AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) भी चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया था। रेजिडेंट्स की मांग है कि संबंधित विभाग नियमित रूप से सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग (मशीनों से सफाई) करवाएं, पानी का छिड़काव करें और निर्माण स्थलों की ठीक से निगरानी करें। साथ ही, लंबे समय से पड़ी मिट्टी का भी कोई स्थायी समाधान निकाला जाए। गौरी सरीन ने कहा कि मिट्टी लगातार बढ़ ही रही है। जहां इसकी जरूरत नहीं है, उसे तुरंत हटाया जाना चाहिए।

रेजिडेंट्स का कहना है कि यह सिर्फ एक शुरुआत है। वे चाहते हैं कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से ले। शहर को साफ-सुथरा रखना सबकी जिम्मेदारी है। अगर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाता, तो लोगों को ऐसे कदम उठाने पड़ते हैं। यह अभियान दिखाता है कि लोग अपने शहर के लिए कितना चिंतित हैं। वे चाहते हैं कि उनके बच्चे साफ हवा में सांस ले सकें।

इस अभियान के जरिए रेजिडेंट्स ने यह भी साफ कर दिया कि वे किसी पर आरोप नहीं लगा रहे, बल्कि मिलकर समाधान निकालना चाहते हैं। उनका मानना है कि अगर हर कोई थोड़ी-थोड़ी कोशिश करे, तो शहर की सूरत बदल सकती है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि वे इस समस्या को जल्द से जल्द हल करें ताकि भविष्य में ऐसी नौबत न आए।