LU हॉस्टलों के प्रोवोस्ट बदले

नवभारत टाइम्स

लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्राओं के हंगामे के बाद बड़ा फेरबदल हुआ है। कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने महिला छात्रावासों के प्रोवोस्ट और अडिशनल प्रोवोस्ट को हटा दिया है। उनकी जगह नए वरिष्ठ शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विधि विभाग की डॉ. कलिंद्री को अडिशनल चीफ प्रोवोस्ट (गर्ल्स) बनाया गया है।

major reshuffle at lucknow university provosts of womens hostels changed after poor food and protests
लखनऊ विश्वविद्यालय के नए कैंपस में छात्राओं के हॉस्टल में घटिया खाने को लेकर हुए हंगामे के बाद कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने शुक्रवार को सभी महिला छात्रावासों के प्रोवोस्ट और अडिशनल प्रोवोस्ट को उनके पद से हटा दिया है। उनकी जगह अब नए वरिष्ठ और स्थायी शिक्षकों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह फैसला छात्राओं की नाराजगी और खाने की गुणवत्ता पर उठी आवाजों के बाद लिया गया है।

कुलपति के निर्देश पर रजिस्ट्रार डॉ. भावना मिश्रा ने शुक्रवार को ही नए प्रोवोस्ट और असिस्टेंट प्रोवोस्ट की नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया है। इस फेरबदल में विधि विभाग की डॉ. कलिंद्री को अडिशनल चीफ प्रोवोस्ट (गर्ल्स) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। साथ ही, उन्हें गंगा हॉल का प्रोवोस्ट भी बनाया गया है। डॉ. ऋचा सक्सेना को डॉ. अंबेडकर हॉल और डॉ. मृणालिनी सिंह को लावन्या हॉल का नया प्रोवोस्ट नियुक्त किया गया है।
हॉस्टलों का काम सुचारू रूप से चले, इसके लिए प्रशासन ने असिस्टेंट प्रोवोस्ट की भी तैनाती की है। डॉ. श्वेता श्रीवास्तव को डॉ. अंबेडकर हॉल का असिस्टेंट प्रोवोस्ट बनाया गया है। वहीं, डॉ. निहारिका गंगा हॉल की असिस्टेंट प्रोवोस्ट होंगी और डॉ. शशि प्रभा जोशी लावन्या हॉल की जिम्मेदारी संभालेंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, ये सभी नियुक्तियां एक साल के लिए या अगले आदेश तक मान्य रहेंगी। ये शिक्षक अपने मुख्य विभाग के काम के साथ-साथ हॉस्टल का काम भी देखेंगे।

इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक खास बात का ध्यान रखा है। उन्होंने हॉस्टल की जिम्मेदारी सिर्फ स्थायी शिक्षकों को ही दी है। पहले कई बार संविदा पर काम करने वाले शिक्षकों को भी अडिशनल प्रोवोस्ट बनाया गया था, लेकिन इस बार ऐसे शिक्षकों को कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है। यह बदलाव हॉस्टल के प्रबंधन को और मजबूत बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। छात्राओं की सुरक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए यह कार्रवाई की गई है।