Up Election 2022 Government Is Preparing A Blueprint Of Expectations achievements Ministers Assigned Special Responsibility
उम्मीदों-उपलब्धियों का खाका बना रही सरकार
नवभारत टाइम्स•
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की आहट सुनाई दे रही है। सरकार अपनी उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की तैयारी में है। प्रभारी मंत्री अपने जिलों में जाकर उम्मीदों और उपलब्धियों का खाका तैयार कर रहे हैं। योजनाओं की प्रगति और लाभार्थियों से फीडबैक लिया जा रहा है। लोकार्पण की तैयारी भी की जा रही है।
लखनऊ: अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनावों की सरगर्मी बढ़ने लगी है। विपक्ष जहां सरकार पर हमले तेज कर रहा है, वहीं सरकार भी अपनी उपलब्धियों को ढाल बनाकर जवाब देने की तैयारी में जुट गई है। इसी कड़ी में, सरकार ने सभी प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में जाकर विकास कार्यों और जनता की उम्मीदों का लेखा-जोखा तैयार करने का निर्देश दिया है। होली से पहले ही मंत्रियों को जिला प्रशासनिक समन्वय समिति की बैठकें आयोजित करने को कहा गया है, और कई मंत्री इस पर अमल भी कर चुके हैं।
सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के उद्देश्य से हर जिले में जिला प्रशासनिक समन्वय समिति का गठन किया गया है। इस समिति में लोकसभा और विधानसभा के सत्ता पक्ष व सहयोगी दलों के जनप्रतिनिधि, भाजपा और सहयोगी दलों के जिला व महानगर अध्यक्ष, साथ ही जिले के आला अधिकारी शामिल होते हैं। इन बैठकों की विस्तृत रिपोर्ट सीधे सीएम कार्यालय को भेजी जाएगी।प्रभारी मंत्रियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे बैठक से पहले कोर कमिटी से सलाह-मशविरा कर सभी जरूरी मुद्दों का चयन करें। इसके अलावा, सामाजिक क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ भी अलग से बैठकें होंगी। इन बैठकों का मकसद सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि ठोस परिणाम हासिल करना होगा।
मंत्रियों से कहा गया है कि वे उन परियोजनाओं की सूची बनाएं जो 90% से अधिक पूरी हो चुकी हैं, ताकि उनके लोकार्पण की तैयारी की जा सके। वहीं, जो परियोजनाएं अटकी हुई हैं या लोकार्पण के बाद भी शुरू नहीं हो पाई हैं, उनके कारणों और उन्हें पूरा करने की तय तारीखों का भी अलग से उल्लेख किया जाएगा। आवास, आयुष्मान, किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे बात कर उनके अनुभव और सुझाव भी रिपोर्ट में शामिल किए जाएंगे।
सरकार का यह कदम चुनावी माहौल में अपनी स्थिति मजबूत करने और जनता के बीच अपनी उपलब्धियों को पहुंचाने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के साथ-साथ, सरकार यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि विकास कार्य जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंचें और उन्हें इसका लाभ मिले। प्रभारी मंत्रियों की यह सक्रियता यह दर्शाती है कि सत्ता पक्ष चुनावी मैदान में उतरने से पहले पूरी तरह से तैयार दिखना चाहता है। यह बैठकें न केवल प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करेंगी, बल्कि जनता के बीच विश्वास बहाली का भी काम करेंगी।