हर जिले में 1000 नई इकाइयों का लक्ष्य, अनुदान और छूट भी मिलेगी

नवभारत टाइम्स

उत्तर प्रदेश सरकार खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा दे रही है। प्रदेश के हर जिले में एक हजार नई इकाइयां स्थापित होंगी। इससे कुल इकाइयों की संख्या बढ़कर एक लाख पचपन हजार हो जाएगी। सरकार निवेश, रोजगार और निर्यात बढ़ाने पर जोर दे रही है। हल्दी, आम, आंवला, मिर्च, नमकीन और दुग्ध प्रसंस्करण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

uttar pradesh boosts food processing industry target of 1000 new units in every district grants and subsidies also available
उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का हब बनाने की तैयारी में है। नई नीति के तहत हर जिले में 1000 नई इकाइयां स्थापित की जाएंगी, जिससे कुल 75,000 नई इकाइयां बनेंगी। इसका मुख्य उद्देश्य निवेश बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और निर्यात को बढ़ावा देना है। सरकार विशेष रूप से हल्दी, आम, आंवला, मिर्च, नमकीन और दूध से जुड़े उत्पादों के प्रसंस्करण पर ध्यान केंद्रित कर रही है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को इस दिशा में जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल, उत्तर प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में करीब 3.50 लाख खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां काम कर रही हैं। वहीं, संगठित क्षेत्र में 80,000 से ज्यादा इकाइयां सक्रिय हैं। प्रदेश में 15 एग्रो-फूड प्रोसेसिंग पार्क भी विकसित किए जा रहे हैं। संगठित क्षेत्र की 3000 से अधिक इकाइयों का सालाना कारोबार 100 करोड़ रुपये से अधिक है। यह क्षेत्र करीब 2.55 लाख लोगों को सीधे रोजगार देता है। जब 75,000 नई इकाइयां जुड़ जाएंगी, तो संगठित क्षेत्र की कुल इकाइयों की संख्या बढ़कर 1.55 लाख हो जाएगी।
यह नई नीति प्रदेश के हर जिले में 1000-1000 नई खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखती है। इस तरह पूरे प्रदेश में कुल 75,000 नई इकाइयां लगेंगी। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और लोगों को खूब रोजगार मिलेगा। साथ ही, प्रदेश से होने वाले निर्यात में भी तेजी आएगी।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार कुछ खास चीजों पर जोर दे रही है। इनमें हल्दी, आम, आंवला, मिर्च, नमकीन और दूध से बनने वाले उत्पाद शामिल हैं। इन उत्पादों की प्रोसेसिंग से किसानों को भी फायदा होगा और उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा।

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इस योजना को लेकर संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं। वे चाहते हैं कि यह काम तेजी से हो और इसके अच्छे नतीजे सामने आएं।

वर्तमान में, उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण की 3.50 लाख से ज्यादा इकाइयां असंगठित क्षेत्र में चल रही हैं। वहीं, संगठित क्षेत्र में 80,000 से अधिक इकाइयां काम कर रही हैं। प्रदेश में 15 बड़े एग्रो-फूड प्रोसेसिंग पार्क भी बनाए जा रहे हैं। ये पार्क खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएंगे।

संगठित क्षेत्र की 3000 से ज्यादा कंपनियों का सालाना कारोबार 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। यह क्षेत्र अभी करीब 2.55 लाख लोगों को सीधे तौर पर रोजगार दे रहा है। जब 75,000 नई इकाइयां स्थापित हो जाएंगी, तो संगठित क्षेत्र में कुल इकाइयों की संख्या 1.55 लाख तक पहुंच जाएगी। इससे रोजगार के अवसर और भी बढ़ेंगे।