सफाई व्यवस्था के लिए 20 सेनेटरी इंस्पेक्टर होंगे नियुक्त

नवभारत टाइम्स

नोएडा अथॉरिटी ने शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब 20 नए सेनेटरी इंस्पेक्टर नियुक्त किए जाएंगे। जनस्वास्थ्य विभाग को मजबूत किया जाएगा। कचरा कलेक्शन सिस्टम को भी सख्त किया जाएगा। पुराने सेक्टरों के सुधार पर भी ध्यान दिया जाएगा। जलभराव से निपटने के लिए नालों की सफाई और मरम्मत का काम होगा।

20 new sanitary inspectors to be appointed in noida to improve sanitation system public health department to be strengthened
नोएडा अथॉरिटी ने सेक्टर-150 में हुई एक दुखद घटना के बाद शहर की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए मंगलवार को एक अहम बैठक की। इस बैठक में जनस्वास्थ्य विभाग को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया। अथॉरिटी ने 20 नए सेनेटरी इंस्पेक्टरों की नियुक्ति का आदेश दिया है। साथ ही, शहर की सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अथॉरिटी का मानना है कि स्टाफ की कमी के कारण कई इलाकों में सफाई ठीक से नहीं हो पा रही थी।

कचरा उठाने के काम को भी और बेहतर बनाया जाएगा। अब डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन सिस्टम को और सख्त किया जाएगा। कचरा कब और कैसे उठाया जा रहा है, इस पर कड़ी नजर रखी जाएगी। इसके लिए एक खास मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया जाएगा। जीपीएस और फील्ड रिपोर्ट की मदद से यह पक्का किया जाएगा कि कचरा उठाने में कोई कोताही न हो।
शहर के पुराने सेक्टरों को भी संवारा जाएगा। सेक्टर-27 के री-डिवेलपमेंट (पुनर्विकास) के काम को तेजी से पूरा करने के लिए नियोजन विभाग को साफ निर्देश दिए गए हैं। इससे लंबे समय से अटकी परियोजनाएं जल्द पूरी होंगी और लोगों को नई सुविधाएं मिलेंगी।

बारिश में होने वाली जलभराव की समस्या से निपटने के लिए भी बड़े कदम उठाए गए हैं। नालों की सफाई, मरम्मत और नए नाले बनाने की योजना पर काम होगा। अथॉरिटी ने संबंधित विभागों से पूछा है कि जरूरत के हिसाब से कितने नए नाले बनाने होंगे। इससे बरसात के मौसम में शहर को जलभराव से राहत मिलेगी।

बैठक में यह भी साफ कहा गया कि शहर की सफाई व्यवस्था में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अथॉरिटी का मानना है कि पर्याप्त फील्ड स्टाफ न होने के कारण कई इलाकों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही थी।

डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन सिस्टम को भी सख्त करने का निर्णय लिया गया है। कचरा उठान की नियमितता और गुणवत्ता की निगरानी के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा। जीपीएस और फील्ड रिपोर्ट के जरिये यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कचरा कलेक्शन में किसी तरह की कोताही न हो।

शहर के पुराने सेक्टरों के सुधार पर भी अथॉरिटी का फोकस बढ़ा है। सेक्टर-27 के री-डिवेलपमेंट को गति देने के लिए नियोजन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा किया जा सके और क्षेत्र को आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।

जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नाले-नालियों की सफाई, मरम्मत और पुनर्निर्माण को लेकर भी ठोस कदम उठाए गए हैं। अथॉरिटी ने संबंधित विभागों से जरूरत के अनुसार नए नाले बनाने की कार्ययोजना मांगी है, ताकि बरसात के मौसम में शहर को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।