हाइड्रोजन बस संचालन पर 3 कंंपनियों ने दिए सुझाव

नवभारत टाइम्स

यमुना अथॉरिटी हाइड्रोजन बसें चलाने की तैयारी में है। तीन कंपनियों ने नियम-शर्तों और रेवेन्यू शेयरिंग पर सुझाव दिए हैं। इन सुझावों को टेंडर में शामिल किया जाएगा। बस ऑपरेटर का चयन जल्द होगा। ये बसें एक बार चार्ज होने पर 600 किमी चलेंगी। एनटीपीसी दादरी ने चार्जिंग स्टेशन और हाइड्रोजन प्लांट तैयार कर लिया है।

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ग्रेटर नोएडा, यमुना सिटी और आगरा में हाइड्रोजन बसें चलाने की तैयारी ज़ोरों पर है। यमुना अथॉरिटी ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। तीन कंपनियों ने नियम-शर्तों और रेवेन्यू शेयरिंग को लेकर अपने सुझाव दिए हैं, जिन्हें टेंडर में शामिल किया जाएगा। एनटीपीसी के साथ मिलकर यमुना अथॉरिटी यह प्रोजेक्ट शुरू कर रही है। एनटीपीसी ने बसें मंगा ली हैं और हाइड्रोजन का इंतज़ाम भी कर लिया है। अब बस ऑपरेटर का चयन किया जाना है।

हाल ही में हुई प्री-बिड मीटिंग में बस संचालन करने वाली कंपनियों से सुझाव मांगे गए थे। इस मीटिंग में तीन कंपनियों ने अपने विचार रखे। हालांकि, रेवेन्यू शेयरिंग को लेकर कंपनियों ने कुछ आपत्तियां जताई हैं। यमुना अथॉरिटी इन सुझावों पर विचार करके उन्हें टेंडर में शामिल करेगी। एसीईओ नागेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बस ऑपरेटर तय करने के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही कंपनी का चयन करके संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
ये हाइड्रोजन बसें 45 सीटर होंगी और एक बार ईंधन भरने पर 600 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकेंगी। एनटीपीसी दादरी ने इन बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन तैयार कर लिया है। साथ ही, पानी से हाइड्रोजन बनाने का प्लांट भी लगाया गया है। यह प्रोजेक्ट तीन साल तक ट्रायल पर रहेगा। एनटीपीसी पहले से ही लेह में हाइड्रोजन बसें चला रहा है, जिससे स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिल रहा है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को स्वच्छ रखना और प्रदूषण कम करना है। हाइड्रोजन एक ऐसा ईंधन है जो जलने पर केवल पानी छोड़ता है, जिससे वायु प्रदूषण नहीं होता। इन बसों के चलने से लोगों को एक स्वच्छ और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा। यमुना अथॉरिटी और एनटीपीसी मिलकर इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए काम कर रहे हैं।

कंपनियों द्वारा दिए गए सुझावों पर ध्यान दिया जा रहा है ताकि बस ऑपरेटरों के लिए यह योजना आकर्षक बन सके। रेवेन्यू शेयरिंग एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिस पर कंपनियां अपनी राय दे रही हैं। अथॉरिटी इन चिंताओं को दूर करने की कोशिश करेगी। इस प्रोजेक्ट के सफल होने पर, यह अन्य शहरों के लिए भी एक मिसाल बनेगा।

हाइड्रोजन बसें भविष्य की परिवहन व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती हैं। ये बसें न केवल पर्यावरण के लिए अच्छी हैं, बल्कि लंबी दूरी तय करने की क्षमता के कारण यात्रियों के लिए भी सुविधाजनक होंगी। एनटीपीसी का अनुभव लेह में पहले से ही इन बसों के संचालन में काम आएगा।

यमुना अथॉरिटी का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द बस ऑपरेटर का चयन हो जाए ताकि इन बसों का संचालन शुरू हो सके। यह कदम स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।