51 स्कूलों में निपुण ऐप से जांची बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता

नवभारत टाइम्स

ग्रेनो के 51 सरकारी स्कूलों में मंगलवार को निपुण ऐप से बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता जांची गई। डीएलएड प्रशिक्षुओं ने कक्षा एक और दो के बच्चों का आकलन किया। पहले दिन गणित और हिंदी के सवाल पूछे गए। 75 प्रतिशत सही उत्तर देने पर बच्चे निपुण माने जाएंगे।

51 स्कूलों में निपुण ऐप से जांची बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता
ग्रेनो: मंगलवार को बेसिक शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक और दो के बच्चों की पढ़ाई कैसी चल रही है, इसकी जांच की गई। जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के डीएलएड प्रशिक्षुओं ने निपुण ऐप का इस्तेमाल करके बच्चों का आकलन किया। पहले दिन 51 स्कूलों में गणित और हिंदी के सवाल पूछे गए। भारत और प्रदेश सरकार मिलकर बच्चों को भाषा और गणित में माहिर बनाने के लिए निपुण अभियान चला रही हैं। इसका लक्ष्य 2026-27 तक सभी बच्चों को निपुण बनाना है।

डायट के प्राचार्य राज सिंह यादव ने बताया कि डीएलएड के प्रशिक्षुओं ने पहले दिन 51 सरकारी स्कूलों में जाकर बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता परखी। चारों ब्लॉक के लिए सात-सात टीमों का गठन किया गया था। इस पहले दिन के आकलन में करीब एक हजार बच्चे शामिल हुए। कक्षा एक और दो के हर स्कूल से 12-12 बच्चों से भाषा और गणित के सवाल पूछे गए। जो बच्चे 75 प्रतिशत सवालों का सही जवाब देंगे, उन्हें निपुण माना जाएगा।
यह निपुण अभियान बच्चों को भाषा और गणित में मजबूत बनाने के लिए चलाया जा रहा है। सरकार चाहती है कि 2026-27 तक सभी बच्चे इन विषयों में निपुण हो जाएं। डायट के प्रशिक्षु इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे स्कूलों में जाकर बच्चों की प्रगति का जायजा ले रहे हैं। यह आकलन बच्चों को बेहतर शिक्षा देने की दिशा में एक अहम कदम है।