जिम्स में 30 को स्टार्टअप ओपीडी की होगी शुरुआत

नवभारत टाइम्स

ग्रेनो के जिम्स में 30 जनवरी को भारत का पहला स्टार्टअप ओपीडी शुरू होगा। आईआईटी गोहाटी तकनीकी सहायता देगा। स्टार्टअप्स को डॉक्टरों से सीधा संवाद मिलेगा। इससे किफायती और भारत की स्वास्थ्य जरूरतों के अनुरूप समाधान बनेंगे। यह पहल हेल्थकेयर इनोवेशन को बढ़ावा देगी। स्टार्टअप्स क्लिनिकल कार्यप्रणाली और जरूरतों को समझेंगे।

indias first startup opd to start at gims on january 30 giving new direction to health innovation
ग्रेनो के जिम्स में 30 जनवरी को भारत की पहली स्टार्टअप ओपीडी का आयोजन होगा। इसका मकसद स्वास्थ्य क्षेत्र में नए आइडिया को बढ़ावा देना है। आईआईटी गोहाटी इसमें तकनीकी मदद करेगा। स्टार्टअप्स को डॉक्टरों से सीधे बात करने का मौका मिलेगा। इससे ऐसे समाधान बनेंगे जो सस्ते होंगे और भारत की जरूरतों को पूरा करेंगे।

राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स), कासना में स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को नई राह दिखाने के लिए एक खास पहल की जा रही है। 30 जनवरी को भारत की पहली 'स्टार्टअप ओपीडी' का आयोजन किया जाएगा। इस अनूठी पहल में आईआईटी गोहाटी तकनीकी मेंटर के तौर पर स्टार्टअप्स की मदद करेगा। वे डिजाइन, इंजीनियरिंग वैलिडेशन और उत्पाद विकास जैसे कामों में सहयोग देंगे।
इस 'स्टार्टअप ओपीडी' का मुख्य उद्देश्य चुने हुए स्टार्टअप्स को अनुभवी डॉक्टरों के साथ सीधे मिलकर बात करने का मौका देना है। संस्थान के डायरेक्टर ब्रिगेडियर डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि यह ओपीडी डॉक्टरों और स्टार्टअप्स के बीच सीधा संवाद स्थापित करती है। उन्होंने कहा, "इस पहल से ऐसे समाधान विकसित होंगे, जो न केवल किफायती होंगे, बल्कि भारत की वास्तविक स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप भी होंगे।"

मेडिकल इन्क्यूबेशन के सीईओ डॉ. राहुल सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि हेल्थकेयर इनोवेशन की असली शुरुआत क्लिनिक से ही होती है। उन्होंने कहा कि 'स्टार्टअप ओपीडी' के जरिए स्टार्टअप्स को असली क्लिनिकल काम और वहां की जरूरतों को समझने का बेहतरीन मौका मिलेगा। यह उन्हें ऐसे उत्पाद बनाने में मदद करेगा जो मरीजों के लिए वाकई फायदेमंद हों।