Unique Confluence Of Service Empathy And Sportsmanship In Hospitals On Republic Day
अस्पतालों में सेवा और संवेदना का उत्सव
नवभारत टाइम्स•
गणतंत्र दिवस पर शहर और ग्रामीण अस्पतालों में सेवा और संवेदना का उत्सव मनाया गया। स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित किया गया। वीरांगना अवंतीबाई महिला अस्पताल में नवजात शिशुओं को नए कपड़े दिए गए। बलरामपुर अस्पताल और सिविल अस्पताल में भी कार्यक्रम हुए। विभिन्न संस्थानों में कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की गई। लोहिया संस्थान में डॉक्टरों ने क्रिकेट मैच खेला।
गणतंत्र दिवस के मौके पर शहर और ग्रामीण इलाकों के सरकारी अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी और सीएमओ कार्यालयों में सिर्फ झंडा ही नहीं फहराया गया, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान कई अस्पतालों में नवजात शिशुओं को नए कपड़े पहनाकर उनका स्वागत किया गया, तो कहीं डॉक्टरों ने क्रिकेट खेलकर खेल भावना को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
वीरांगना अवंतीबाई महिला अस्पताल (डफरिन) में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ज्योति मल्होत्रा की अगुवाई में एक खास कार्यक्रम हुआ। इसमें चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही, 120 नवजात शिशुओं को नए कपड़े देकर उन्हें नवजीवन के स्वागत का संदेश दिया गया। बलरामपुर अस्पताल में निदेशक डॉ. कविता आर्या और सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया, जिसमें बड़ी संख्या में डॉक्टर और कर्मचारी शामिल हुए। सिविल अस्पताल में निदेशक डॉ. कजली गुप्ता ने कर्मचारियों को संविधान और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने की शपथ दिलाई।बीकेटी साढ़ामऊ के आरएसएम अस्पताल, ठाकुरगंज टीबी संयुक्त अस्पताल, राजाजीपुरम के आरएलबी अस्पताल और सीएमओ कार्यालय जैसे अन्य संस्थानों में भी कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में उनके प्रयासों की खूब सराहना हुई।
लोहिया संस्थान में तो गणतंत्र दिवस पर डॉक्टरों ने क्रिकेट के मैदान पर अपना जलवा दिखाया। डायरेक्टर एकादश ने डीन एकादश को एक रोमांचक मुकाबले में हराया। सेग क्रिकेट ग्राउंड पर हुए इस मैच का मकसद युवा मेडिकल छात्रों में खेलों के प्रति रुचि जगाना और खेल भावना को बढ़ावा देना था।