Lucknow Fire Incident Action On Coaching Centers Will Responsible Agencies Wake Up
बड़ी चुनौती
नवभारतटाइम्स.कॉम•
लखनऊ की एक इमारत में लगी आग में कई परिवार झुलस गए। अब कार्रवाई का दौर शुरू हुआ है। पूरे राज्य में कोचिंग सेंटरों का ऑडिट किया जा रहा है, कुछ सरकारी कर्मियों-अफसरों के खिलाफ कार्रवाई हुई है और बाकी दोषियों की तलाश चल रही है। सिविक एजेंसियां जाग चुकी हैं और अवैध बिल्डिंगों के ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी हो चुका है। सवाल है कि क्या अन्य मामलों में यह सब पहले नहीं हुआ था?
पुराना ढर्रा । दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल में आग लगने के बाद होटल-रेस्तरां के ऑडिट शुरू हो गए, साकेत में इमारत गिरी तो अवैध निर्माण तलाशे जाने लगे और जब कटक में मेडिकल कॉलेज के ICU में आग लगी तो सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी की जांच शुरू हो गई। ये घटनाएं इसी साल की हैं। मूल समस्या । अगर गोवा के नाइट क्लब में लगी आग से सबक लिया गया होता, तो शायद मालवीय नगर की घटना न होती। इसी तरह अगर झांसी के मेडिकल कॉलेज के ICU में लगी आग और मुखर्जी नगर के कोचिंग सेंटर में तीन साल पहले हुए हादसे से कुछ सीखा गया होता तो शायद कटक और लखनऊ न दोहराए गए होते। इन दुर्घटनाओं की तात्कालिक वजह अलग-अलग हो सकती है, लेकिन मूल समस्या कमोबेश एक है - सिविक एजेंसियों का अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ना।
संस्थाओं की कमजोरी । देश में बिल्डिंग सेफ्टी से जुड़े पर्याप्त नियम हैं। पुराने नैशनल बिल्डिंग कोड को नैशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन स्टैंडर्ड्स (NBCS) 2026 के नाम से अपडेट किया गया है, जिसमें इमारत की सुरक्षा से जुड़े सारे पहलुओं का जिक्र है। लेकिन, नगर निगम, अथॉरिटी और दूसरी सिविक एजेंसियों की प्रतिक्रिया आमतौर पर घटना के बाद दिखाई देती है। यूपी में अब मानकों की अनदेखी कर चल रहे कोचिंग सेंटरों को नोटिस दिया जा रहा। सवाल है कि क्या इसके लिए लखनऊ हादसे का इंतजार हो रहा था?
चुनौती बढ़ी । दो दिन पहले ही खबर आई थी कि फंक्शनल अर्बन नाम से सरकार एक नई कैटिगरी बनाने पर विचार कर रही है, जिसमें वे इलाके होंगे जो बस नाम के लिए गांव हैं, पर उनमें शहरों की सारी सुविधाएं मौजूद हैं। सरकारी डेटा के मुताबिक, देश की 36% आबादी शहरों में रहती है, पर अगर फंक्शनल अर्बन को मिलाएं तो आंकड़ा दोगुने से भी ज्यादा हो जाता है। फिर देश में शहरीकरण भी लगातार बढ़ने वाला है। ऐसे में सिविक एजेंसियों को अपना दायित्व समझना होगा। उनमें भ्रष्टाचार खत्म करना होगा, और सरकार को भी जवाबदेही बढ़ाने के साथ उन्हें मजबूत करना होगा।