मिड-डे मील की नियमित रूप से होगी जांच, लिए जाएंगे सैंपल

नवभारत टाइम्स

अब स्कूलों में छात्रों को मिलने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भोजन की नियमित जांच होगी और सैंपल भी लिए जाएंगे। पकाने में इस्तेमाल होने वाले राशन और सामान की गुणवत्ता भी परखी जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सख्त आदेश जारी किए हैं।

administration strict on mid day meal quality now regular checks and samples will be taken
हथीन: अब स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुमिता रांगी ने बताया कि अब मिड-डे मील में बने खाने के सैंपल नियमित रूप से जांचे जाएंगे। इतना ही नहीं, खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले राशन और अन्य सामान की क्वालिटी भी जांची जाएगी। यह कदम मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब में उठाया गया है। शिक्षा निदेशालय और जिला मौलिक शिक्षा विभाग दोनों ही इस मामले में सख्त हो गए हैं।

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुमिता रांगी ने साफ किया कि मिड-डे मील पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने कहा, "मिड-डे मील की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहते हैं।" इसी को ध्यान में रखते हुए, विभाग ने मिड-डे मील के सैंपल नियमित रूप से लेने के आदेश जारी किए हैं। यह सुनिश्चित करेगा कि बच्चों को पौष्टिक और सुरक्षित भोजन मिले।
इस नई व्यवस्था के तहत, सिर्फ तैयार भोजन ही नहीं, बल्कि खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले दाल, चावल, तेल और अन्य सामग्री की भी जांच की जाएगी। इससे यह पक्का होगा कि बच्चों तक पहुंचने वाला हर सामान अच्छी क्वालिटी का हो। प्रशासन का यह कदम बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की ओर एक बड़ा कदम है।