अवैध धर्मांतरणरोधी विधेयक पास

नवभारत टाइम्स

महाराष्ट्र में धर्मांतरण विरोधी विधेयक पारित हो गया है। यह विधेयक मंगलवार को विधान परिषद से भी पास हो गया। अब इसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। जबरन, धोखाधड़ी या लालच देकर धर्मांतरण कराने पर रोक लगेगी। विवाह के जरिए धर्मांतरण पर भी रोक का प्रावधान है।

anti conversion bill passed in maharashtra ban on conversion by force lure or marriage provision for up to seven years imprisonment
महाराष्ट्र में धर्मांतरण पर लगाम कसने के लिए एक कड़ा कानून, महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता विधेयक-2026, मंगलवार को विधान परिषद से भी पारित हो गया है। अब यह विधेयक राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इस कानून के तहत, जबरन, धोखे से, लालच देकर या शादी के ज़रिए करवाए जाने वाले धर्मांतरण पर सज़ा का प्रावधान है। जो लोग अवैध धर्मांतरण करते पाए जाएंगे, उन्हें सात साल तक की जेल और एक लाख रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।

यह विधेयक राज्य में धर्मांतरण के मामलों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लाया गया है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी व्यक्ति को उसकी मर्ज़ी के खिलाफ या किसी भी तरह के दबाव में धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर न किया जाए। विधेयक में ऐसे सभी तरीकों पर रोक लगाई गई है जिनका इस्तेमाल लोगों को बहकाकर या डराकर धर्मांतरण कराने के लिए किया जाता है।
इस नए कानून के लागू होने से अवैध धर्मांतरण के मामलों में कमी आने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि यह विधेयक समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने में मदद करेगा। विधेयक में शामिल सख्त प्रावधानों से लोगों को यह संदेश मिलेगा कि ऐसे गैरकानूनी कामों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।