धर्म बदलकर की दोस्ती फिर किया ब्लैकमेल

नवभारत टाइम्स

नोएडा में एक युवक ने धर्म छिपाकर युवती से दोस्ती की। उसने आपत्तिजनक वीडियो बनाकर युवती को ब्लैकमेल किया। युवती से एक लाख रुपये से अधिक की रकम वसूली गई। परिजनों ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। हंगामे के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया है।

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नोएडा के थाना फेज-3 में एक युवती को पहचान छिपाकर दोस्ती करने और फिर आपत्तिजनक वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी युवक ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवती से एक लाख रुपये से ज्यादा की रकम ऐंठ ली। पुलिस पर केस दर्ज करने में एक महीने की देरी का आरोप लगाते हुए परिजनों और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाने पर जमकर हंगामा किया।

यह पूरा मामला तब सामने आया जब युवती के परिजनों ने पुलिस की लापरवाही के खिलाफ आवाज उठाई। मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले युवती और आरोपी की दोस्ती करीब दो साल पहले इंस्टाग्राम पर हुई थी। आरोप है कि दोस्ती के दौरान आरोपी युवक ने युवती के कुछ आपत्तिजनक वीडियो और फोटो बना लिए। बाद में युवक ने अपना असली नाम मोहम्मद रामिश बताया और इन वीडियो के सहारे युवती को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। लोक-लाज के डर से युवती ने अब तक आरोपी को एक लाख रुपये से ज्यादा दे दिए थे, लेकिन उसकी मांगें लगातार बढ़ती जा रही थीं।
परिजनों का आरोप है कि वे पिछले एक महीने से थाने के चक्कर काट रहे थे, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। प्रदर्शनकारियों ने तो यहां तक आरोप लगाया कि एक महिला सब-इंस्पेक्टर ने भी पीड़ित परिवार के साथ अभद्रता की। थाने पर बढ़ते तनाव को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले में दखल दिया। इसके बाद पुलिस ने 24 घंटे के अंदर एफआईआर दर्ज करने और तीन दिन में आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।

इस मामले में एसीपी सेंट्रल नोएडा उमेश कुमार यादव ने बताया कि दूसरे समुदाय के युवक द्वारा अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि केस दर्ज करने में हुई एक महीने की देरी और महिला दरोगा के व्यवहार की जांच के आदेश दिए गए हैं। अगर विभागीय स्तर पर कोई लापरवाही या अभद्रता पाई जाती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना नोएडा में महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ऐसे मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई न केवल पीड़ितों का विश्वास बढ़ाती है, बल्कि अपराधियों के हौसले भी पस्त करती है। उम्मीद है कि इस बार पुलिस अपनी बात पर खरी उतरेगी और आरोपी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाएगी।