Navratri 2023 Devotional Atmosphere In Gurgaon Kalash Sthapana Shubh Muhurat And Puja Material Shopping Begins
नवरात्र के लिए बाज़ार पर चढ़ा श्रद्धा का रंग, मां की चुनरी से सजीं दुकानें
नवभारत टाइम्स•
नवरात्र का पर्व शुरू होने वाला है। शहर में भक्ति का माहौल है। बाजारों में माता की चुनरी, प्रतिमाओं और पूजन सामग्री की दुकानें सज गई हैं। श्रद्धालु खरीदारी कर रहे हैं। मंदिरों में भी तैयारियां चल रही हैं। 19 मार्च से शुरू होने वाले नवरात्र में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त भी बताया गया है।
गुड़गांव में नवरात्र की धूम शुरू हो गई है। बाजारों में रौनक बढ़ गई है, जहां चुनरियों, माता की प्रतिमाओं और पूजन सामग्री की दुकानें सजी हैं। मंदिरों में भी मां के स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेंगे। इसी दिन से हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी होगी। कलश स्थापना के लिए 19 मार्च को सुबह 6:53 से 7:43 बजे तक का शुभ मुहूर्त है। अगर इस समय स्थापना नहीं हो पाती है, तो दोपहर 12:06 से 12:54 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में भी कर सकते हैं। नवरात्र के दौरान मंदिरों में रोजाना भजन-कीर्तन होंगे।
शहर में नवरात्र का माहौल भक्तिमय हो गया है। बाजारों में लाल और पीले रंग की चुनरियां, नारियल, अगरबत्ती, दीप और अन्य पूजा सामग्री की दुकानें हर तरफ दिखाई दे रही हैं। श्रद्धालु इन दुकानों पर भारी संख्या में खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि मां की मिट्टी की मूर्तियों की मांग काफी बढ़ गई है। दूसरी ओर, शहर के मंदिरों में भी सफाई, रंग-रोगन और सजावट का काम शुरू हो गया है। मंदिर कमेटियां नवरात्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम करने की तैयारी कर रही हैं।चैत्र नवरात्र में घट (कलश) स्थापना को लेकर लोग मंदिरों के पुजारियों से संपर्क कर रहे हैं। आचार्य पुरोहित संघ गुड़गांव के अध्यक्ष और श्री माता शीतला देवी श्राइन बोर्ड के पूर्व सदस्य कथावाचक पं. अमर चंद भारद्वाज ने बताया कि अमावस्या 18 मार्च को सुबह 8:26 पर शुरू होकर 19 मार्च को सुबह 6:53 तक रहेगी। इसलिए पितरों की अमावस्या 18 मार्च को मनाई जाएगी और 19 मार्च से नवरात्र शुरू हो जाएंगे। कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:53 से 7:43 बजे तक है। यदि इस मुहूर्त में कलश स्थापना संभव न हो, तो अभिजीत मुहूर्त में भी की जा सकती है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:54 बजे तक रहेगा।
श्री एसएन सिद्धेश्वर मंदिर के पुजारी आचार्य लक्ष्मीकांत गोस्वामी ने बताया कि चैत्र नवरात्रि सिर्फ एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह शक्ति की आराधना का महापर्व है। पुराणों के अनुसार, इसी समय मां दुर्गा ने महिषासुर जैसे राक्षसों का संहार किया था। हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि शुरू होती है। इस बार चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक मनाई जाएगी। इसी दिन से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है। मंदिर में हर नवरात्र में बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। मंदिर में नवरात्र के दौरान रोजाना भजन-कीर्तन होंगे और मां की स्तुति की जाएगी।
यह पर्व मां दुर्गा की शक्ति और विजय का प्रतीक है। भक्तजन नौ दिनों तक मां के विभिन्न रूपों की पूजा करते हैं और उनसे सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। मंदिरों में विशेष आरती और पूजा-पाठ का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ पेयजल और बैठने की व्यवस्था भी की जाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी। यह समय नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक माना जाता है। लोग इस दौरान अपने घरों की भी साफ-सफाई करते हैं और उन्हें सजाते हैं। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है।