मुजेसर अग्निकांड: वर्कशॉप से बरामद तेल का होगा मिलान

नवभारत टाइम्स

मुजेसर अग्निकांड की जांच अब निर्णायक मोड़ पर है। घटनास्थल से मिले तेल के नमूने और वर्कशॉप से जब्त तेल के नमूनों का मिलान किया जाएगा। फोरेंसिक जांच से पता चलेगा कि तेल एक ही स्रोत का है या नहीं। आग तेजी से फैलने के पीछे ज्वलनशील पदार्थ की बड़ी मात्रा को जिम्मेदार माना जा रहा है।

mujesar fire incident recovered oil to be matched investigation reaches decisive stage
फरीदाबाद के मुजेसर इलाके में हुए बड़े अग्निकांड की जांच अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। जांच एजेंसियां आग के कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थल पर मिले तेल के सैंपल और वर्कशॉप से जब्त किए गए तेल के सैंपल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज रही हैं। इस जांच से यह पता चलेगा कि आग में इस्तेमाल हुआ ज्वलनशील पदार्थ कहां से आया था। पुलिस का मानना है कि आग इतनी तेजी से फैली क्योंकि उसमें ज्वलनशील पदार्थ की बड़ी मात्रा थी।

जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि कंटेनर में मिला तेल और वर्कशॉप से मिला तेल एक ही जगह से आया था या नहीं। अगर दोनों सैंपल एक जैसे निकलते हैं, तो यह जांच के लिए बहुत बड़ा सबूत होगा। अधिकारी तेल की क्वालिटी, उसमें मौजूद केमिकल और उसकी सप्लाई चेन की भी जांच कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में एजेंसी के संचालक और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है। आग लगने की वजह का पता लगाने के लिए यह फॉरेंसिक जांच बहुत अहम है। इससे यह साफ हो जाएगा कि आग किसी हादसे का नतीजा थी या फिर किसी की लापरवाही या जानबूझकर की गई हरकत।

जांच का मुख्य मकसद आग के फैलने की असली वजह का पता लगाना है। तेल के सैंपल की जांच से यह पता चलेगा कि क्या वह अत्यधिक ज्वलनशील था और क्या उसका इस्तेमाल आग को भड़काने में हुआ। यह रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई तय करेगी।